महागठबंधन को मझधार में छोड़कर राजग के साथ जाएंगे नीतीश कुमार !

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Updated on 26 May, 2017 at 12:56 pm

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राष्ट्रपति चुनाव के लिए सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है। कांग्रेस पार्टी विपक्ष का एक सम्मिलित उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है, जिसे सर्व-सहमित से राष्ट्रपति के पद पर आसीन किया जा सके। हालांकि, यह इतना आसान भी नहीं होने जा रहा है।

कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित इस बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाग नहीं लेंगे। हालांकि, उनकी पार्टी जनता दल युनाइटेड का प्रतिनिधित्व शरद यादव करने जा रहे हैं। शरद यादव खुद राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवारों में शामिल हैं।

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बैठक-सह-भोज का आयोजन संसद परिसर के पुस्तकालय में आयोजित किया जाएगा। इसकी मेजबानी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करने जा रही हैं। इसका आयोजन ऐसे दिन हो रहा है, जब केन्द्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक सरकार अपनी तीसरी वर्षगांठ मना रही है।

खास बात यह है कि इस बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को भोज के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव, माकपा नेता सीताराम येचुरी, भाकपा के डी राजा भी शामिल होंगे।

इस बीच, बैठक में नीतीश कुमार के शामिल न होने पर जनता दल युनाइटेड ने अपनी सफाई पेश की है। पार्टी ने कहा है कि नीतीश कुछ दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष से मिल चुके हैं साथ ही उन्हें बता चुके हैं कि वह राष्ट्रपति चुनाव में क्या चाहते हैं।

हालांकि, कांग्रेस पार्टी के लिए संकट यह है कि नीतीश के इस बैठक में शामिल नहीं होने से यह संदेश जा रहा है कि विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट नहीं है। साथ ही यह भी मानने वालों की कमी नहीं है कि नीतीश देर-सवेर राजग का हिस्सा हो सकते हैं।

नीतीश कुमार के इस बैठक में शामिल नहीं होने पर वरिष्ठ राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि मुझे नीतीश कुमार के इस फैसले से कोई आश्चर्य नहीं है, उनके ट्रैक रिकार्ड देखने से यह पता चलता है कि हम जिस स्टैंड पर खड़े होते हैं, उनका वह हमेशा विरोध करते हैं।


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