अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के खिलाफ नीतीश कुमार का ‘शीर्षासन’, बताया पब्लिसिटी स्टंट

Updated on 21 Jun, 2017 at 9:41 am

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अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योग ने भारत को पहचान दिलाई है। विश्व भर में इसकी लोकप्रियता बढ़ी है। अलग-अलग देशों में योग करने के तरीकों में भी परिवर्तन हुआ है। इसके अनेक रूप देखने को मिलते हैं। अब ये विश्व समुदाय को लाभान्वित कर रहा है।

नरेंद्र मोदी सरकार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विश्व स्तर पर सफल बनाने की तैयारियों में जुटी है, वहीं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे पब्लिसिटी स्टंट करार देते हुए किनारा कर लिया है।

दिवस मनाने को लेकर नीतीश कुमार ने मोदी सरकार की आलोचना की है। उनके अनुसार योग रोज करने की चीज है, सिर्फ दिवस मनाकर एक दिन इसे नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उनका कहना है कि योग पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। योग के जरिए कुछ लोग वोट बटोरने की कोशिश में हैं।


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नीतीश कुमार ने कहा:

“मैं योग दिवस के खिलाफ नहीं, लेकिन मुझे पब्लिसिटी स्टंट पसंद नहीं है। योग करता हूं लेकिन प्रचार कभी नहीं किया।’ इसके साथ ही उन्होंने बिहार सरकार के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लेने की मनाही कर दी।”

नीतीश कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि योग को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है, जो ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हम प्रचार करने में यकीन नहीं करते। बीजेपी योग को राजनीतिक मुद्दा बना रही है।

आज पूरा विश्व अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है।  इसमें सरकार के 74 मंत्रालय भाग ले रहे हैं कई शहरों में योग शिविर के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इस दिवस की शुरुआत मोदी सरकार ने ही 21 जून 2015 को की थी।

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