1500 से अधिक गैर-कश्मीरी छात्रों ने छोड़ा NIT श्रीनगर

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Updated on 13 Apr, 2016 at 8:01 pm

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NIT श्रीनगर के 1500 से अधिक गैर-कश्मीरी छात्र यहां से अपने घरों के लिए रवाना हो गए हैं। इन छात्रों ने छात्रावास में अपने कमरे खाली कर दिए

छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें इस बात की चेतावनी दी थी कि NIT श्रीनगर परिसर में रहने की स्थिति में उन्हें परीक्षा देनी होगी।

गौरतलब है कि NIT-श्रीनगर में करीब 1500 से अधिक गैर-कश्मीरी छात्र हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से यहां पढ़ने के लिए आए हुए हैं।

ये छात्र पिछले सप्ताह से कश्मीरी छात्रों के एक समूह और पुलिस के साथ हुए विवाद के बाद से कक्षाओं का बहिष्कार कर रहे हैं। इन छात्रों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बर्बतापूर्वक लाठियां बरसाईं थीं। इस घटना में 125 से अधिक छात्र घायल हो गए थे।



विवाद की शुरुआत तब हुई थी, जब टी20 क्रिकेट विश्वकप के दौरान भारतीय टीम के मैच हारने पर स्थानीय छात्रों ने पाकिस्तान के झंडा लहराया था और भारत विरोधी नारे लगाए थे। गैर-कश्मीरी छात्रों ने जब इसका विरोध किया, तो स्थानीय छात्रों की उनसे झड़प हो गई।

बाद में न्याय की आस में शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा झंडा लहरा कर प्रदर्शन कर रहे गैर-कश्मीरी छात्रों के समूह पर पुलिस ने बर्बतापूर्वक लाठी चार्ज किया, जिसमें कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं।

इस घटना के बाद पुलिस ने गैर-कश्मीरी छात्रों से तिरंगा छीन लिया। तिरंगा वापसी और यहां से जाने के लिए ये छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे।

सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से NIT श्रीनगर परिसर में भारी संख्या में केन्द्रीय बलों की तैनाती की गई थी। इन दिनों यहां छात्रों की परीक्षा चल रही है।


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इस बीच, राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने NIT को श्रीनगर से शिफ्ट करने से इन्कार किया है। महबूबा ने कहा कि यह अंदरुनी झगड़ा है और इसे कश्मीरी और बाहरी छात्रों के बीच झगड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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