कोच्चि मेट्रो की नौकरी से किन्नरों का इस्तीफा, वजह हैरान करने वाली है

Updated on 1 Jul, 2017 at 11:12 am

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प्रधानमंत्री ने जब कोच्चि मेट्रो का उदघाटन किया तो इस बात की भी वाहवाही मिली कि प्रशासन ने जब 21 किन्नरों को नौकरी देने का फैसला किया है। लेकिन उसमें से 9 किन्नरों ने एक सप्ताह के भीतर रिजाइन भी कर दिया है। इसका एक कारण रहने के लिए आवास का उपलब्ध न होना बताया जा रहा है। साथ ही सैलरी की रकम गुजारे के लिए नाकाफी हैं।

किन्नरों को मिलने वाली सैलरी की राशि बहुत कम बतायी जा रही है, जिससे उन्हें रहने-खाने में परेशानी हो रही है। लिहाजा कुछ किन्नरों ने नौकरी छोड़ने का फैसला ले लिया। उनका कहना है कि कोच्चि मेट्रो की ओर से मिल रही तनख्वाह में गुजारा नहीं हो पा रहा और शहर में चीजें बहुत महंगी हैं।

संज्ञान लेते हुए कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड (केआरएमएल) प्रशासन ने इस मसले पर जिला कलेक्टर और सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट से मिलकर किन्नर कर्मचारियों के लिए सस्ती और वहन करने योग्य सुविधाओं को उपलब्ध कराने की मांग की।



ज्ञात हो कि टिकटिंग सेक्शन में काम कर रहे लोगों को 10,500 रुपये प्रति माह बतौर तनख्वाह मिलती है, जबकि हाउसकीपिंग में लगे लोगों को 9000 रुपये प्रति माह तनख्वाह मिलती है।

टिकटिंग अधिकारी शीतल श्याम ने बताया:

“कई सारे घर किराए पर उपलब्ध हैं, लेकिन मकान मालिक किन्नरों को देने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में हमें 600 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लॉज में रहना पड़ रहा है।”


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उधर, मात्र किन्नरों के लिए अलग से रहने की व्यवस्था करना मेट्रो प्रशासन के लिए संभव नहीं हो पा रहा। समान पैकेज पर काम करनेवाले हजारों कर्मचारी भी इसी तरह की मांग कर सकते हैं।

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