8 हजार साल पुरानी है सिन्धु घाटी सभ्यता, वैज्ञानिकों ने रखे नए तथ्य

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Updated on 4 Mar, 2017 at 9:25 pm

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सिन्धु घाटी सभ्यता 5,500 साल नहीं, बल्कि 8 हजार साल से भी अधिक पुरानी है। यही नहीं, इस बात के भी प्रमाण मिले हैं कि हड़प्पा सभ्यता से 1000 वर्ष पूर्व भी कोई सभ्यता थी।

यह दावा किया है आईआईटी खड़गपुर और भारतीय पुरातत्व विभाग के वैज्ञानिकों ने। इस संबंध में प्रतिष्ठित पत्रिका ‘नेचर’ में प्रकाशित एक शोधपत्र में दावा किया गया है कि मिस्र और मेसोपोटामिया से सालों पहले सिन्धु घाटी में विकसित सभ्यता पल रही थी। इस सभ्यता का विस्तार पाकिस्तान के सिन्ध प्रान्त से लेकर भारत के हरियाणा तक था।

इस तथ्य के आने के बाद सभ्यताओं की प्राचीनता पर खासी बहस छिड़ सकती है।

गौरतलब है कि मिस्र में 7000 ईसा पूर्व से 3000 ईसा पूर्व तक सभ्यता के प्रमाण मिलते रहे हैं। वहीं, मेसोपोटामिया में भी 6500 ईसा पूर्व से 3100 ईसा पूर्व तक सभ्यता के पलने के प्रमाण मिले हैं।

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मौसम में बदलाव की वजह से विलुप्त हुई थी सिन्धु घाटी सभ्यता

नेचर में प्रकाशित इस शोध में कहा गया है कि मौसम में निरंतर बदलाव की वजह से करीब 3 हजार साल पहले सिन्धु घाटी की सभ्यता विलुप्त हो गई थी।



आईआईटी खड़गपुर के भूगर्भशास्त्र और भूभौतिकी विभाग के प्रमुख अनिंदय सरकार कहते हैंः

“हमने सिंधु सभ्यता की प्राचीन मिट्टी के बर्तन खोज निकाले हैं। इनकी खोजबीन के लिए ‘ऑप्टिकल स्टिम्यलैटिड लूमनेसन्स’ तकनीक का प्रयोग किया गया। इससे उन बर्तनों की उम्र का पता लगा है। यह 6000 वर्ष पुराने पाए गए हैं और हड़प्पा सभ्यता की शुरुआत 8,000 साल पहले होने के प्रमाण भी मिले हैं।”

अब तक वैज्ञानिक कहते रहे हैं कि सिन्धु घाटी की सभ्यता पाकिस्तान के हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और भारत के लोथल, धोलावीरा और कालीबंगन तक थी। लेकिन नए शोध में कहा जा रहा है कि इस सभ्यता का विस्तार हरियाणा के भ‍िर्राना और राखीगढ़ी तक था।

भ‍िर्राना हरियाणा के फतेहाबाद का छोटा सा गांव है, जबकि राखीगढ़ी हिसार में है।


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