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उत्तर प्रदेश के मदरसों में 15 अगस्त को राष्ट्रगान अनिवार्य, विडियो कवरेज भी करायी जाएगी

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5:23 pm 11 Aug, 2017

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उत्तर प्रदेश के मदरसों में अगले 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रगान का गायन अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश मदरसा परिषद ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य के सभी मदरसों में 15 अगस्त को राष्ट्रध्वज फहराया जाए। इस दौरान अनिवार्य रूप से राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का गायन किया जाए। साथ ही आदेश में कहा गया है कि पूरे कार्यक्रम की विडियो कवरेज भी जरूरी है।

यह आदेश कुछ इस तरह है।

उत्तर प्रदेश मदरसा परिषद के आदेश में उल्लेख है कि 15 अगस्त के कार्यक्रम के दौरान मदरसा छात्रों को स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में बताया जाए, साथ ही शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाए। इसके अलावा खेलकूद के आयोजन की बात भी कही गयी है।

आदेश में इन सात विन्दुओं का जिक्र किया गया है।

1. झण्डा रोहण एवं राष्ट्रगान।
2. स्वतंत्रता दिवस के शहीदों को श्रद्धांजलि।
3. स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालना।
4. मदरसे के छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय गीतों का प्रस्तुतीकरण।
5. स्वतंत्रता दिवस की पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों/शहीदों के संबंध में जानकारी देना।
6. राष्ट्रीय एकता पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम/खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाए।
7. मिष्ठान वितरण।

उत्तर प्रदेश में 8 हजार से अधिक मदरसे हैं और इनमें से 560 मदरसे पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त हैं।


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इस बीच, मुस्लिम समुदाय ने इस पर नाराजगी जतायी है। मदरसा संचालकों का कहना है कि इस तरह की निर्देश जारी करने का सीधा मतलब यह है कि उनकी देशभक्ति पर शक किया जा रहा है।

अमर उजाला के रिपोर्ट में लखनऊ के काकोरी इलाके के मदरसे दारुल उलूम फारुकिया के प्रबंधक अली फारुकी के हवाले से कहा गया हैः

“हमारे यहां तो जबसे मदरसा है, तबसे इस लेटर आ रहा है। हमें विडियोग्राफी से ऐतराज नहीं इस कदम से गलत संदेश जा रहा है। आजादी की लड़ाई तो मदरसों से ही शुरू हुई है। ऐसा करके आवाम को क्या संदेश देना चाहते हैं क‌ि मदरसों में झंडा नहीं फहराया जाता? बार-बार शक पैदा कर रहे हैं ये गलत है। उन्होंने कहा क‌ि अगर प्रोत्साह‌ित करने के ल‌िए ही ये आदेश द‌िया गया है तो स्कूलों की भी विडियोग्राफी कराएं।”

वहीं गोमतीनगर दारूल उलूम वारसिया मदरसे के प्र‌िंस‌िपल हाफिज सज्जाद का कहना हैः

“विड‌ियोग्राफी से ऐतराज नहीं बशर्ते ये प्रोत्साहन की मंशा से ही करवाई जा रही है। अगर मंशा कुछ और है तो गलत है।”

गौरतलब है कि कल ही मुंबई के बीएमसी ने भी एक प्रस्ताव पारित किया है जिसके मुताबिक उसके अंतर्गत चलनेवाले सभी स्कूलों में वंदे मातरम अनिवार्य होगा। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि वे राष्ट्रगीत यानी वंदे मातरम का गायन नहीं कर सकते, क्योंकि इस्लाम उन्हें ऐसा करने की इजाजत नहीं देता।

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