नासा को बड़ी कामयाबी, बृहस्पति की उत्पत्ति का रहस्य सुलझाने उसकी कक्षा में पहुंचा ‘जूनो’

author image
Updated on 5 Jul, 2016 at 12:48 pm

Advertisement

पांच साल के एक लम्बे अंतराल के बाद आखिरकार NASA के अंतरिक्ष मिशन को कामयाबी मिली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान ‘जूनो’ जूपिटर (बृहस्पति) की कक्षा में पहुंच गया है।

इस अभियान का उद्देश्य जुपिटर के विकिरण बेल्ट में प्रवेश करते हुए इस ग्रह का विश्लेषण एवं अध्ययन करना है।

नासा का जूनो स्पेसक्राफ्ट जुपिटर गृह के  जलवायु, उसकी बनावट, क्षेत्र की जानकारी पृथ्वी को देगा। नासा के  इस 1.1 अरब  डॉलर के अभियान को लेकर जूनो के चीफ साइंटिस्ट स्कॉट बोल्टन ने कहा कि यह नासा का सबसे मुश्किल कार्यों में से एक था। फरवरी 2018 में यह यान ग्रह की खोज पूरी कर लेगा।



5 सालों में जूनो ने जूपिटर की कक्षा में पहुंचने के लिए करीब 280 करोड़ किलोमीटर का सफर तय किया है।  इसे 5 अगस्त 2011 को लॉन्च किया गया था।

जूपिटर गृह पृथ्वी की तुलना में 11 गुना अधिक बड़ा है। इसका द्रव्यमान पृथ्वी की तुलना में 300 गुना अधिक है। इस गृह में गैस की मात्र ज्यादा पायी जाती है जिस कारण इसे  ‘गैस जायंट’ भी कहा जाता है।

इस ग्रह का औसतन तापमान -145 डिग्री सेल्सियस रहता है। इस ग्रह को सूर्य की परिक्रमा करने में 12 साल का समय लगता है। इसके चार बड़े और 60 छोटे आकार के चंद्रमा हैं।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement