कभी पिता करते थे मजदूरी, बेटी ने फ्रांस की शिक्षा मंत्री बन बढ़ाया गौरव

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3:01 pm 28 Apr, 2016

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जीवन में यह मायने नहीं रखता कि आप कल क्या थे। मायने यह रखता है कि आप आज क्या हैं। कहते हैं बड़ी उपलब्धियों को हासिल करने के लिए यह जरूरी नहीं है कि आपका भूतकाल भी बेहतरीन रहा हो। लेकिन आपमें धैर्य और दृढ़ संकल्प हो तो कुछ भी असंभव नहीं है और यह फ्रांस की शिक्षामंत्री ने साबित कर दिखाया है।

फ्रांस की शिक्षा मंत्री नजत बेल्कासम इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। दरअसल, नजत ने तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए जो मुकाम हासिल किया है, वह प्रेरणासोत्र है।

बचपन में भेड़ चरने वाली नजत बेल्कासम आज पहली महिला हैं, जो फ्रांसीसी मंत्री बनी हैं। साथ ही इस उपलब्धि को हासिल करने वाली वह पहली मुस्लिम और सबसे कम उम्र की महिला हैं, जो फ्रांस में शिक्षा एवं अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल रही हैं।

अपने सात भाई बहनों में दूसरे नंबर पर आने वाली नजत बेल्कासम, 1977 में मोरक्को के ब्नि चिकार नाम के गाँव में पैदा हुई थी। नजत बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थी, उनका परिवार भेड़ों का दूध बेचकर अपना घर चलाता था, नजत खुद भी परिवार की मदद करती थी और भेड़ो को चराया भी करती थी।

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1982 में उनके माता-पिता बतौर प्रवासी फ्रांस आए थे। तब उनके पास वोट देने का भी अधिकार नहीं था। उनके पिता यहां एक प्रवासी मजदूर थे। नजत इस कठिन समय में भी पढ़ाई पूरी लगन से करती थी।

नजत बेल्कासम कि मेहनत रंग लाई, जिस वजह से 18 साल की उम्र में उन्हें फ्रांस की राष्ट्रीयता मिली और स्कॉलरशिप की मदद से उन्होंने फ्रांस के पॉलिटिकल साइंस संस्थान से शिक्षा ग्रहण की और बतौर ज्यूरिस्ट वहां काम भी किया।

मजहब, जन्म स्थान और बैकग्राउंड के कारण वह हमेशा विरोधियों के निशाने पर रहती है। नजतके खिलाफ कन्जर्वेटिव पॉलिटिशन सेक्सिस्ट और नस्ली टिप्पणी खूब करते थे। इन पर कई तरह के लांछन लगाए जाते थे। कभी ड्रेस को लेकर भी भद्दी टिप्पणी की जाती थी तो कभी लिपिस्टिक को लेकर, नजत कभी नहीं घबरायी।

नजत ने भेदभाव के खिलाफ भी आंदोलन किया। नजत 2008 में रोन अलपाइन से काउंसिल मेंबर चुनी गईं। उसके बाद से वह लगातार चुनाव जीतती आ रही हैं। चुनाव जीतने के बाद से नजत की राजनीति को तेज गति मिली।

2012 में नजत को महिला अधिकार मंत्री की कमान सौंपी गई। फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने उन्हें सरकार का प्रवक्ता भी नियुक्त किया। 25 अगस्त 2015 को फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने देश के शिक्षा मंत्री की कमान सौंपी।

आज नजत एक प्रेरणादायक हस्ती बन चुकी हैं। उनकी उपलब्धियों को देखकर यह एहसास होता है कि अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार हैं तो इस दुनिया में कुछ भी ऐसा नहीं है जिसे प्राप्त करना असंभव है।


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