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100 साल बाद सुलझ गया अंटार्कटिका में ‘खून की नदी’ का रहस्य, लेकिन क्या यही सच है?

11:21 pm 27 Jul, 2017

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अंटार्कटिका पर जीवन मुश्किल है। यह एक कठिन जगह है, जहां जीवन पनपना असंभव सा है। इस स्थान पर कई रहस्य छुपे हैं। ऐसा ही एक रहस्य है ब्लड फॉल्स।

यह दरअसल एक झरना है, जहां लाल रंग का पानी गिरता है। इसकी खोज सबसे पहले ग्रिफिथ टेलर नामक एक ऑस्ट्रेलियन भूवैज्ञानिक ने की थी। जब उन्होंने इसकी खोज की तब उन्हें लगा कि यह लाल रंग यहां की धरती पर पनप रहे शैवाल की वजह से था।

हालांकि, यह थ्योरी वर्ष 2003 में गलत साबित हो गई। उसी दौरान एक और रिसर्च में सामने आया था कि इस पानी में ऑयरन ऑक्साइड की भरपूर मात्रा है। और इस वजह से यहां पानी का रंग लाल हो जाता है।

नेशनल ज्योग्राफिक की रिपोर्ट के मुताबिक, अब एक नई थ्योरी में इस रहस्य को सुलझाने का दावा किया जा रहा है। इस थ्योरी के मुताबिक, लाल रंग का यह पानी दरअसल एक बेहद विशालकाय तालाब से गिर रहा है। पानी जैसे-जैसे फ्रीज़ होता है, वह गर्मी छोड़ता जाता है। यही गर्मी चारों तरफ़ जमी बर्फ़ को गर्म करती है। इस प्रक्रिया की वजह से इस ब्लड फॉल्स से लगातार पानी बह रहा है।


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इस रहस्य का खुलासा कोलोरॉडो कॉलेज और अलास्का यूनिवर्सिटी ने एक नई स्टडी में किया गया है। इस अध्ययन में खून की तरह लाल पानी के फॉल को उसकी परिस्थितियों की देन माना गया है।

अंटार्कटिका हमेशा से ही रहस्यमयी कहानियों की धरती रहा है। यहां इतनी ठंढ पड़ती है कि रिसर्चर्स और पेंग्विन्स के अलावा जीवन का नामोनिशान नहीं है। एक रिसर्चर का तो ये भी कहना है कि अंटार्कटिका में एक सीक्रेट शहर छिपा हुआ है, जो अटलांटिस का खोया हुआ शहर भी हो सकता है।

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