Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

यह पत्रकार पिछले 17 साल से हाथ से लिखकर चला रहा है अखबार

Published on 12 April, 2018 at 3:46 pm By

देवकथाओं के अनुसार जगत-कल्याण के लिए महर्षि दधीचि ने प्राण त्याग दिए और उनकी अस्थियों से देवराज इन्द्र के बज्र बनाए गए। दधीचि की हड्डियों से बने बज्र से देवराज इन्द्र ने असुरों का विनाश किया। यह सिर्फ एक कथा नहीं है, एक सीख भी है। आज भी हमारे बीच ऐसे लोग मौजूद हैं जो दधीचि की तरह खुद लुटकर भी लोगों की आवाज बन रहे हैं।

हम बात कर रहे हैं एक ऐसे पत्रकार की, जो सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार 17 सालों से हाथ से अखबार लिख रहा है। इस पत्रकार को उम्मीद है कि किसी न किसी दिन तो उसकी आवाज सुनी जाएगी और लोगों को इन्साफ मिलेगा।


Advertisement

 

 

पत्रकार दिनेश हस्तलिखित अखबार चलाते हैं।

 

अखबार को  लिखने के बाद फोटोकॉपी करवाते हैं और अकेले ही लोगों तक पहुंचाते हैं। एक साइकिल है जो इनकी मदद करता है, इन्हें गतिशील रखता है। बात मुज़ज्फ्फरनगर के गांधी कालोनी की है, जहां आस-पास फ़ोटोकॉपी किए हुए कुछ अख़बार नुमा कागज़ दीवारों पर चिपके पाए जाते हैं। लोग इसे पढ़ते हैं और आगे बढ़ते हैं, लेकिन दिनेश रोजाना अखबार निकालते नहीं थकते हैं। यह भरोसा जगाता है कि जनता के साथ ही ये अखबार फैक्स के माध्यम से सीएम और पीएम तक भी पहुंच जाता है।

 

 


Advertisement

पत्रकार दिनेश की बात करें तो ये आजीविका के लिए बच्चों को आइसक्रीम और खाने की अन्य चीज़ें बेचते हैं। वकील बनने के सपने देखने वाला दिनेश हालात से लड़ते हुए मात्र आठवीं कक्षा तक पढ़ सके। उसके बाद घर-गृहस्थी और मेहनत-मजदूरी का दौर चला। हालांकि, समाज के बदलाव का सपना उन्होंने जो देखा था उसके लिए अपनी ओर से हमेशा लगे रहे।



 

दिनेश का कहना हैः

“मैं समाज के लिए उपयोगी समाचार लिखता हूं और इससे एक दिन बदलाव जरूर आएगा। मेरे लिखने से यदि किसी एक व्यक्ति का भी भला हो तो मेरा लिखना सार्थक है।”

 

 

दिनेश ने भले ही पत्रकारिता की पढ़ाई न की हो, लेकिन वह जो कर रहे हैं, बहुत ही प्रेरणादायक है। स्वतंत्रता आन्दोलन में जिस प्रकार पत्रकारिता को हथियार बनाकर संघर्ष को अंजाम दिया गया था, वह कहीं पीछे छूट गया लगता है। ध्रुवीकरण के दौर में जहां पत्रकारिता का पेशा बदनाम होता जा रहा है। दिनेश जैसे लोग उसे ही सहारा देते नजर आते हैं।

 


Advertisement

दिनेश जैसे लोगों की कहानी शोर के बीच दबी रहती है। भला हो उस सोशल मीडिया यूजर का जिसने इस बावत अपने पोस्ट में जानकारी दी। नहीं तो आज ऐसे लोगों की कौन सुध लेता है!

Advertisement

नई कहानियां

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!


जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका

जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका


प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें

प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें


ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं

ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं


Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं

Hindi Comedy Movies: बॉलीवुड की ये सदाबहार कॉमेडी फ़िल्में, आज भी लोगों को गुदगुदाने का माद्दा रखती हैं


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें Lifestyle

नेट पर पॉप्युलर