तीन तलाक के खिलाफ एकजुट हो रही हैं मुस्लिम महिलाएं, याचिका पर 10 लाख दस्तखत

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1:35 pm 18 Mar, 2017

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मुस्लिम महिलाएं अब तीन तलाक के खिलाफ एकजुट हो रही हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (MRM) ने तीन तलाक के खिलाफ एक अभियान चलाया है। दावा किया जा रहा है कि इस अभियान को 10 लाख से अधिक मुसलमानों का समर्थन मिला है। इस याचिका पर दस्तखत करने वाली महिलाओं में अधिकतर मुस्लिम समुदाय से हैं।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जुड़े इस याचिका में कहा गया है कि तीन तलाक के मसले को धर्म के चश्मे से न देखा जाए, बल्कि यह एक समाजिक समस्या है।

तीन तलाक को खत्म करने की कवायद में इससे पहले कई महिलाएं सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी हैं। वहीं, केन्द्र सरकार का भी कहना है कि संविधान में महिला और पुरुष को बराबरी का हक मिला है। तीन तलाक इस हक के आड़े आता है।

indiatimes


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हालांकि, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) का कहना है कि तीन तलाक संविधान-सम्मत व्यवस्था है।

बोर्ड का कहना हैः



“धर्म में मिले हकों पर कानून की अदालत में सवाल नहीं उठाए जा सकते।”

तीन तलाक की प्रथा को खत्म करने के समर्थन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी हैं।

तीन तलाक पर प्रधानमंत्री निभाएं अपना वादा

इस बीच, तीन तलाक के खिलाफ मुखर होने वाली आतिया साबरी ने प्रधानमंत्री से इस मामले में दखल देने की मांग की है। उनका कहना है कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में इसे मुद्दा बनाया और पार्टी को चार राज्यों में बड़ी जीत मिली है। उन्हें अपना वादा पूरा करना चाहिए।

आतिया वही महिला हैं जिन्होंने तीन तलाक के मामले में केंद्र सरकार के तीन मंत्रालयों और इस्लामिक तालीम के सबसे बड़े मरकज दारुल उलूम देवबंद के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। दो बेटियों को जन्म देने के कारण तलाक का दंश झेल रही आतिया साबरी अपनी लड़ाई को न्यायालय में लड़ रही है।


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