मुस्लिम अभिभावकों का स्कूल कर्मचारियों पर हमला, टीकाकरण को केन्द्र का षडयंत्र बताया

author image
Updated on 23 Feb, 2017 at 12:23 pm

Advertisement

कुछ मुस्लिम अभिभावकों ने आरोप लगाया है कि बच्चों का टीकाकरण अभियान दरअसल मुसलमानों की जनसंख्या पर अंकुश लगाने की केन्द्र सरकार तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की मिलीजुली साजिश है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक के स्कूल में 50 से अधिक मुस्लिम अभिभावकों ने टीकाकरण अभियान का विरोध करते हुए स्कूली कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इन अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में दिए जा रहे मिसेल्स रुबेला (MR) टीकाकरण अभियान दरअसल मुस्लिम समुदाय के खिलाफ साजिश है।

अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि मुस्लिम अभिभावक जामियाबाद इलाके के शम्स इंग्लिश मीडियम स्कूल में घुस गए तथा डॉक्टरों व शिक्षकों पर हमला कर दिया। इलाके के तहसीलदार वी एन बदरकर ने जब अभिभावकों को समझाने की कोशिश की तो उनके साथ भी गाली-गलौच की गई।

इस मामले में अब तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

सांकेतिक तस्वीर guardian

यहां से प्रकाशित अखबार डेक्कन हेराल्ड से बातचीत करते हुए बदरकर ने कहाः


Advertisement

“देश भर में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के तहत यह वैक्सीन छात्रों के लिए अनिवार्य है। अब तक 16 हजार से अधिक हिन्दू छात्रों का टीकाकारण किया गया है। मुस्लिम समुदाय की भ्रान्तियां दूर करने की कोशिश की जा रही है।”

गौरतलब है कि भारत सरकार ने मिसेल्स यानि खसरा के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान छेड़ रखा है। बच्चों के लिए खसरा बीमारी बेहद खतरनाक है। इससे बच्चों का बचपन छिन जाता है।

आंकड़े बताते हैं कि साल 2000 में एक लाख बच्चों की मौत देश में खसरे से हुई थी। व्यापक नि:शुल्क सरकारी टीकाकरण से मौत के आंकड़ों में कमी आई है, लेकिन अकेले साल 2015 में खसरे से 49 हजार से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी।

सांकेतिक तस्वीर। npr

हालांकि, मुस्लिम समुदाय केन्द्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान को शक की नजर से देखता है।

पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा टीकाकरण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि देश में RSS के इशारे पर मुसलमानों को नपुंसक बनाने वाला इंजेक्शन दिया जा रहा है, ताकि वे बच्चे पैदा न कर सकें।

सोचने वाली बात यह है कि पाकिस्तान में भी टीकाकरण का बड़े पैमाने पर विरोध होता रहा है। वहां तो मोदी सरकार या RSS सक्रिय नहीं है।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement