16 वर्ष में शादी, 18 की होने पर पति ने दिया तीन तलाक; पीड़िता ने की समान नागरिक संहिता की मांग

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Updated on 23 Oct, 2016 at 6:19 pm

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सिर्फ 18 वर्ष की आयु में तीन तलाक जैसी कुप्रथा का शिकार एक मुस्लिम युवती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इन्साफ की गुहार लगाते हुए समान नागरिक संहिता को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मांग की है।

प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में अर्शिया नामक एक युवती ने कहा है कि तीन तलाक की इस कुप्रथा की वजह से मुस्लिम महिलाओं की कई पीढ़िया ‘तबाह’ हो चुकी हैं।

बताया गया है कि अर्शिया जब 16 वर्ष की थी, तब उसकी शादी सब्जी कारोबारी मोहम्मद काजिम बगवान से कर दी गई थी। शादी के सिर्फ दो साल बाद, अर्शिया के पति ने उसे कागज पर तीन बार तलाक लिखकर तलाक दे दिया।

काजिम का कहना था कि उसके दिल में अर्शिया के लिए कोई जगह नहीं है। उसके बाद काजिम ने अर्शिया उसके 8 महीने की बच्ची के साथ घर से निकाल दिया।


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इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अर्शिया ने प्रधानमंत्री मोदी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए उसके जैसी अन्य महिलाओं की मदद करने की गुहार लगाई है। अर्शिया ने कहा है कि प्रधानमंत्री इस तीन तलाक की प्रथा को खत्म करें जिसने अनगिनत महिलाओं की जिंदगी तबाह कर दी है।

अर्शिया ने पति द्वारा दिए गए तीन तलाक के खिलाफ अदालत में जाने का फैसला किया है।

अर्शिया के पिता निसार बगवान भी समान नागरिक संहिता के पक्ष में हैं, ताकि किसी अन्य लड़की को उनकी बेटी की तरह परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

रिपोर्ट में बताया गया है कि अर्शिया की मदद पिछले एक दशक से महिलाओं के अधिकारों को लेकर आंदोलन कर रहे मुस्लिम सत्यशोधक मंडल कर रहा है।

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