कर्फ्यू में बाहर निकल मुस्लिम जोड़े ने पंडित परिवार को पहुंचाया खाना

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Updated on 13 Jul, 2016 at 2:07 pm

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कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा में अब तक 32 लोगों ने अपने जानें गंवाई है। जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में अभी भी हिंसा की आग भड़की हुई है, लेकिन इन सब बातों की परवाह न करते हुए एक मुस्लिम दंपत्ति अपनी जान जोखिम में डालकर हिन्दू परिवार तक खाना पहुंचाते हैं।

Muslim couple

जुबेदा बेगम और उनके पति

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, भड़की हिंसा के बीच इंसानियत और एकता की मिसाल पेश करते हुए, कश्मीरी मुस्लिम महिला जुबेदा बेगम और उनके पति कर्फ्यू की चिंता किए बिना, कर्फ्यू में बाहर निकलकर एक पंडित परिवार तक खाना पहुंचाते हैं। ऐसी विषम परिस्थितियों में भी वे मानवता का साथ नहीं छोड़ते।

पंडित परिवार ने जुबेदा से फोन कर मदद मांगी थी, जिसके बाद जुबेदा और उनके पति अपनी जान जोखिम में डालकर उस पंडित परिवार तक खाना पहुंचाने के लिए निकल पड़े। ज़ुबेदा ने कहा:

“मुझे सुबह फोन किया और कहा कि उनके परिवार को खाने की जरुरत है। उनके साथ उनकी बीमार दादी भी है। मैं उनके लिए खाना ले जा रही हूं। ये मुश्किल है, लेकिन हम कोशिश कर रहे हैं।



जोखिम भरे सफर के बाद ये मुस्लिम दंपत्ति, पंडित दीवानचंद के घर पहुंचता है।

Muslim and Pandit family

दीवानचंद पंडित और उनका परिवार घाटी में कई सालों से रह रहे हैं। कई दिनों से हिंसा की मार झेल रहे घाटी में उनके लिए खाने का कोई साधन नहीं बचा था। जुबेदा और दीवानचंद का परिवार एक-दूसरे को कुछ समय से ही जानते हैं। दीवानचंद कहते हैं: ‘यहां सब लोग पीड़ित हैं। ऐसे मैं इनका यहां आना इंसानियत है। मैं इनका शुक्रगुजार हूं।’

दीवानचंद ऑल इंडिया रेडियो में काम करते हैं। उनकी पत्नी एक स्थानीय स्कूल में शिक्षक हैं, जहां जुबेदा भी काम करती हैं।


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