सदी के महान संगीतज्ञ पंडित रविशंकर के संगीत से मिलती है आध्यात्मिक शांति

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Updated on 11 Dec, 2015 at 4:22 pm

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20वीं सदी के महान संगीतज्ञ पंडित रविशंकर के संगीत से आध्यात्मिक शांति मिलती है। भारतीय शास्त्रीय संगीत की उत्कृष्टता के सबसे बड़े उदघोषक थे। उन्हें दुनिया भर में ख्याति मिली एक सितारवादक के रूप में।


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वह संभवतः पहले ऐसे संगीतज्ञ थे, जिन्हें भारत के साथ-साथ पश्चिम में प्रतिष्ठा हासिल हुई। हम यहां पंडित रविशंकर के जीवन से संबंधित उन घटनाओं का जिक्र करने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप भी जानना चाहते होंगे।

1. पंडित रविशंकर का जन्म काशी में 7 अप्रैल, 1920 को हुआ था।

2. उनके पिता एक प्रतिष्ठित बैरिस्टर थे और काशी राजघराने में उच्च पद पर कार्यरत थे।

3. रविशंकर ने 10 वर्ष की आयु में संगीत सीखना शुरू किया।

4. कला जगत में उनका प्रवेश एक नर्तक के रूप में हुआ। उन्होंने अपने भाई उदयशंकर के साथ कई नृत्य कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।

5. उन्होंने शास्त्रीय संगीत की शिक्षा उस्ताद अल्लाऊद्दीन खां से प्राप्त की।

6. उनका विवाह भी उस्ताद अल्लाऊद्दीन खां की बेटी अन्नपूर्णा से हुआ।

7. 1949 से 1956 तक उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में बतौर संगीत निर्देशक काम किया।

8. 1960 के बाद उन्होंने यूरोप के दौरे शुरू किए।

9. रविशंकर येहूदी मेन्यूहिन व बिटल्स ग्रूप के जॉर्ज हैरिशन जैसे लोगों के साथ जुड़े और अपनी खास पहचान बनाई।

10. उनकी दो पुत्रियां अनुष्का शंकर संगीत के क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं।

11. उन्हें वर्ष 1999 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

12. इससे पहले वर्ष 1967 में पंडित रवि शंकर को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

13. पंडित रविशंकर तीन बार ग्रैमी पुरस्कार जीत चुके थे।

14. उन्होंने ‘चार्ली’ और ‘गांधी’ जैसी फिल्मों में संगीत दिया था।

15. वर्ष 1986 में वे राज्यसभा के मानद सदस्य चुने गए।

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