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इस भारतीय खिलाड़ी ने दो बार ठुकराई थी पाकिस्तानी नागरिकता

Published on 2 January, 2018 at 5:24 pm By

सैयद मुश्ताक अली महान भारतीय क्रिकेटर थे और वह अपनी धुंआधार बल्लेबाज़ी और तेज़ी से दौड़ने के लिए मशहूर थे। उनके कद को रनों के आंकड़ों में मापना सही नहीं होगा। उन्होंने 11 टेस्ट मैचों में 32.21 के औसत से 612 रन बनाए। मुश्ताक का जीवन उत्तर भारत में गुजरा, होलकर और संयुक्त प्रांतों के लिए वे दो दशक तक खेल चुके हैं। 1950-51 के सीजन में उन्होंने होलकर के लिए 948 रन बनाए, जिसमें उन्होंने यूपी के खिलाफ 125 रन, हैदराबाद के खिलाफ 100 रन और पश्चिम बंगाल के खिलाफ नाबाद 100 रनों की पारी खेली। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में 49.1 के औसत से 5013 रन बनाए।


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दर्शकों के बीच वो इस कदर लोकप्रिय थे कि एक बार जब लोगों को पता चला कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे मैच में टीम में नहीं हैं, तो लोगों ने कोलकाता में जमकर विरोध प्रदर्शन किए। यह बात 1946 की है।

मुश्ताक के बेटे गुलरेज अली याद करके हुए बताते हैं कि किस तरह उनके पिता ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ज़ुल्फीकार अली भुट्टो द्वारा उन्हें पाकिस्तानी नागरिकता दिए जाने पर उसे खारिज कर दिया। 1948 में देश के बंटवारे के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने मुश्ताक को दो बार पाकिस्तानी नागरिकता देना चाही, लेकिन इस महान खिलाड़ी ने उसे ठुकरा दिया।



उनके बेटे कहते हैंः “मेरे पिता ने एक बार मुझे बताया था कि ज़ुल्फीकार अली भुट्टो ने उन्हें बुलाया था पाकिस्तान में रहने के लिए, जहां तक मुझे याद है ये बाद 1947-48 की है, मगर उन्होंने ये प्रस्ताव ठुकरा दियाः”

वो आगे कहते हैंः “मुझे लगता है उन्हें पाकिस्तान आने का दूसरा प्रस्ताव उस समय दिया गया जब भुट्टो 1970 में शिमला में इंदिरा गांधी से मिले, लेकिन उन्होंने दोनो ही बार प्यार से इनकार कर दिया। उन्होंने भुट्टो से कहा कि भारत मेरा घर है, इसने मुझे सब कुछ दिया और मैं पूरी ज़िंदगी यहीं रहूंगा।”


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मुश्ताक का जन्म 17 दिसंबर 1914 में मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में हुआ था। 1933-34 में डगलस जॉर्डाइन की अगुवाई में एमसीसी टीम के खिलाफ भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले मुश्ताक सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने। उस वक़्त उनकी उम्र सिर्फ 19 साल 19 दिन थी। 91 वर्ष की उम्र में वो दुनिया के अलविदा कह गए। भारत के डोमेस्टिक टी20 का नामकरण उनके ही नाम पर हुआ है।

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