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यह कबाड़ बीनने वाला रुपयों से भरा बैग लौटा कर नई मिसाल पेश कर रहा है

9:34 am 6 Apr, 2018

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मुफलिसी अच्छे-अच्छों को हिला कर रख देती है और ईमान डोलते वक्त नहीं लगता। हालात की ठोकरें जिसे डिगा नहीं पाती, वही असली इंसान है। बाकी इंसान बनने का ढोंग तो सब किया करते हैं। हमारे बीच आज भी ऐसे लोग हैं, जिनके बूते इंसानियत ज़िंदा है और शायद इसीलिए धरती बची हुई है।

पहले इस कबाड़ वाले से मिलिए, जिसने ईमानदारी की मिसाल पेश की है!

 

 

इस रिपोर्ट के मुताबिक, ठाणे रेलवे स्टेशन की पटरियों पर कबाड़ बीननेवाले विश्वजीत गुप्ता एक हैंड बैग मिला। इस बैग में क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के साथ 2000 रुपए के 16 नोट थे। दरअसल, यह किसी महिला की महीने भर की कमाई थी, जिनका बैग गुम हो गया था। विश्वजीत को जब यह हैंड बैग मिला तो उसकी आंखें चौंधिया गई। एक साथ इतने रुपए देखकर वह हक्का-बक्का रह गया। वह चाहता तो बैग को अपने पास रख सकता था, लेकिन उसने उस बैग को ठाणे के स्टेशन मास्टर के सुपुर्द कर दिया।

 

 


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विश्वजीत ने स्टेशन मास्टर को बतायाः

“साहब, मेरी माली हालात ठीक नहीं है, लेकिन जमीर अब भी जिंदा है। किसी के हक को मैं मार नहीं सकता। भगवान का दिया जीवन है, ईमान है तो सबकुछ है।”

 

 

यह बैग जब महिला यात्री को मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। महिला ने बताया कि यह मार्च महीने की पगार थी और बैग खोने से वह मुसीबत में पड़ गई थी। हालांकि, अब उन्हें सुकून हो रहा है। लोअर परेल में काम करने वाली आकांक्षा बैग खोने पर ठाणे स्टेशन मास्टर विजय रजक से मिली तो विश्वजीत बैग जमा करवा ही रहा था। आकांक्षा ने विश्वजीत को 500 रुपए का ईनाम दिया और ढेरों शुभकामनाएं दी।

 

विश्वजीत जैसे लोगों के बल पर आज भी इंसानियत सांसें ले रही है! इस स्टोरी पर आप अपनी प्रतिक्रिया कमेन्ट बॉक्स के माध्य से दे सकते हैं।

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