26/11 में हजारों लोगों की जान बचाने वाले ‘मैक्स’ का निधन

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Updated on 10 Jul, 2016 at 1:31 pm

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मैक्स नामक सेवानिवृत्त कुत्ता, जिसने 26/11 के मुंबई हमले में अहम भूमिका निभाई थी, का पिछले शुक्रवार को बीमारी की वजह से देहांत हो गया। मैक्स ने 26/11 के अलावा 2006 के सिलसिलेवार बम धमाकों के साथ, जावेरी बाजार विस्फोट में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

कम ही लोग जानते हैं कि 26/11 में मुंबई के हीरो रहे मैक्स ने 10 साल से अधिक समय तक अपनी सेवाएं प्रदान की थीं। जून 2015 में उसे सेवानिवृत्त कर दिया गया था। अपनी काबिलियत और परखने की शक्ति के कारण मैक्स को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

11 साल के मैक्स की तबीयत पिछले 5 दिनों से खराब थी। इस वजह से वह सुस्त हो गया था। उसने शुक्रवार की सुबह करीब 6 बजे आखिरी सांस ली। देर शाम तिरंगे में लपेट कर उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर मैक्स के ट्रेनर के साथ ही पुलिस महकमे के कई अधिकारी मौजूद रहे।

मैक्स और उसके तीन साथी सीज़र, टाइगर और सुल्तान ने मुंबई में हजारों जिन्दगियां बचाई हैं। ये चारों जब मात्र 2 महीने के थे, तभी उनको ट्रेनर के हाथों में सौंप दिया गया था।

सेवा से रिटायर होने के बाद इन चारों कुत्तों को मुंबई की ही महिला फ़िज़ा ख़ान ने गोद ले लिया था। फ़िज़ा कहती हैंः

“अगर इन कुत्तों ने, जो वास्तव में सैनिक है, उन RDX का पता नही लगाया होता, तो हज़ारों जिन्दगियां तबाह हो गईं होती।”

26/11 के दौरान, मैक्स ने होटल ताज महल पैलेस के दोनों छोर से 8 किलो आरडीएक्स, 29 डेटोनेटर के साथ अन्य विस्फोटक सामग्रियों को खोज निकाला था। यही नहीं, जब होटल के अंदर गोलीबारी जारी थी, तब मैक्स ने एक पेड़ के नजदीक रखे गए विस्फोटक सामग्री से भरे बैग का पता लगा लिया। इस बैग में 4 डेटोनेटर थे। बाद में मैक्स ने होटल के रिसेप्शन से 25 जिन्दा ग्रेनेड बरामद करने में अहम भूमिका निभाई थी।

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2015 में रिटायर होने के बाद चारों ही मुंबई के विरार में फ़िज़ा शाह के फार्म हाउस में रह रहे थे। उनके लिए खास आरामदायक केबिन बना हुआ था।

फ़िज़ा शाह ने एक साक्षात्कार में बताया:
“मैक्स के निधन के बाद उसके तीनो साथी बेचैन से हो गए हैं। उनकी भी उम्र हो गई है। पिछले 10 सालों में जो RDX पता लगाने में उन्होने कड़ी मेहनत की है, इस वजह से उनकी सेहत प्रभावित हुई है और वे कमज़ोरी भी महसूस करने लगे हैं।”

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