सांसद का ये बेटा बिना मैच खेले टी-20 टीम में हुआ शामिल, वहीं टॉप स्कोरर हुआ बाहर

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Updated on 9 Jan, 2018 at 3:15 pm

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सत्ता बड़ी ही कातिल चीज है। क्रिकेट की पिच भी इससे अछूती नहीं है। ये सबको अपने रंग में रंग ही जाती है। अब जिस खबर के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं वो सुर्ख़ियों में बनी हुई है।

दरअसल, बिहार के सांसद पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन को मौजूदा सत्र में एक भी मैच नहीं खेलने के बावजूद दिल्ली की टी-20 क्रिकेट टीम में चुन लिया गया है। जबकि अंडर 23 में टॉप स्कोरर रहे हितेन दलाल को रिजर्व खिलाड़ियों में ही जगह मिल पाई।

सार्थक रंजन

पप्पू यादव का आधिकारिक नाम राजेश रंजन है। वह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व नेता रहे हैं और माधेपुरा से सांसद हैं। पप्पू यादव ने खुद की पार्टी बना ली थी, जिसका नाम ‘जन अधिकार पार्टी’ है। उनकी पत्नी रंजीत रंजन सुपौल से कांग्रेस की सांसद हैं।


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मीडिया में जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक, 21 साल के सार्थक ने अवसाद के चलते सत्र की शुरुआत में ही क्रिकेट को छोड़ दिया था। उधर, सार्थक ने मुश्ताक अली टूर्नामेंट में पिछले तीन मैच जो खेले, उसमें वो कुल जमा 10 रन ही बना पाया। उस टूर्नामेंट में सार्थक ने तीन मैचों में 5, 3 और 2 रन ही बनाए। ऐसी फॉर्म में भी उसका चयन कर लिया गया। वहीं, दिल्ली के अंडर 23 राष्ट्रीय चैंपियन बनने के बाद उसके शीर्ष स्कोर हितेन की सरासर अनदेखी की गई और बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद उन्हें स्टैंडबाई में रखा गया। हितेन ने सीके नायडू ट्रॉफी में शानदार 468 रन जड़े थे, जिसमें एक शतक, तीन अर्धशतक शामिल रहे। हितेन ने 52 के औसत से रन बनाए थे और उनका स्ट्राइक रेट 91.58 रहा था। उन्होंने 17 छक्के भी जड़े थे।

हितेन दलाल Youtube

टॉप स्कोरर रहे हितेन दलाल को स्टैंडबाई में रखने पर लोगों में नाराजगी है। इस वजह से यह विवाद और तूल पकड़ रहा है।

 



चयन समिति के तीन सदस्यों अतुल वासन, हरि गिडवानी और रोबिन सिंह जूनियर पर टैलेंट को दरकिनार कर रसूखदार लोगों के बेटों को टीम में जगह देने के आरोप लग रहा है।

 

बता दें कि सीजन की शुरुआत में सार्थक को रणजी ट्रॉफी के संभावित खिलाड़ियों की सूची में जगह मिली थी, लेकिन उन्होंने खुद ही अपना नाम वापस ले लिया था। ये भी खबरें आई थीं कि सार्थक ने क्रिकेट छोड़ दिया है और अब वह मिस्टर इंडिया कॉन्टेस्ट में हिस्सा लेने की तैयारी में है।

फिर अचानक से सार्थक की मां रंजीत रंजन ने डीडीसीए प्रशासक न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) विक्रमजीत सेन को ईमेल भेजकर कहा कि उनका बेटा पहले अवसाद से ग्रसित था, लेकिन अब खेलने के लिए एक दम फिट है।

सांसद पप्पू यादव और उनकी पत्नी रंजीत रंजन

 

वहीं, सार्थक की मां और सांसद रंजीत रंजन ने इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा है , उन्होंने कहाः

 

“यह कहना गलत है कि मेरे बेटे को बगैर खेले सिलेक्ट कर लिया गया है। वह अंडर-14 से दिल्ली में खेल रहा है और उसकी कप्तानी में टीम चैंपियन भी बन चुकी है। उसने पिछले साल अंडर-23 के मैचों में 65, 40 और 193 रन का स्कोर किया है। मेरे बेटे के खिलाफ साजिश रची जा रही है। मैं उसके हरेक मैच का स्कोरशीट मुहैया करा सकती हूं।”


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