Topyaps Logo

Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo Topyaps Logo

Topyaps menu

Responsive image

आज के युवाओं को अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए, क्योंकि इससे ही वजूद है

Updated on 3 March, 2019 at 11:01 am By

अगर आप अंग्रेज़ी में बात करते हैं तो यकीनन पढ़ी लिखी बिरादरी से ही ताल्लुक रखते होंगे। लेकिन संवाद का माध्यम यदि हिंदी या कोई और क्षेत्रीय भाषा है तो बदले में बहुत ज्यादा आदर-सत्कार की उम्मीद मत करिएगा। ये बात हम नहीं बल्कि आज के दौर की मानसिकता कह रही है। दरअसल इस देश में बीते कुछ वर्षों में एक नए ट्रेंड का उदय हुआ है जो मातृ भाषा को निम्नता और अंग्रेज़ी को सभ्यता से जोड़कर देखता है। खासकर युवाओं के बीच इन दिनों अंग्रेजी भाषा की लोकप्रियता चरम पर पहुंच चुकी है, जिसके चलते लोग अपनी मादरी ज़बान भूलते जा रहे हैं।


Advertisement

 

नौकरियों के बाज़ार में भी अंग्रेज़ी भाषा अपना वर्चस्व बना चुकी है। मौजूदा स्थिति ये है कि आपका सारा कामकाज और दस्तावेज अंग्रेज़ी भाषा में ही तैयार किए जाने लगे है।बेहतर उच्चस्तरीय शिक्षा चाहिए तो भी अंग्रेजी आनी ही चाहिए।

 

International Mother Language Day

 

आज मदरडे लैंग्वेज दिवस के मौके पर मातृभाषा को याद करना बिलकुल वैसा ही है जैसे कि मौत के मुहाने पर बैठे किसी बुज़ुर्ग को मरने से पहले जी भरकर कोसा जाए और फिर मृत्यु के बाद उसकी तस्वीर पर हार चढ़ाकर उसे सम्मान दिया जाए।

हम उदारीकरण के दौर में प्रवेश कर चुके हैं । वर्ल्ड इज़ गेटिंग ग्लोबलाइज्ड यू नो। और इस बीच हमने अपनी ही मातृ भाषा के साथ सौतेला व्यवहार करना शुरु कर दिया है। देशभर में अंग्रेज़ी का प्रसार काफ़ी तेज़ी से हो रहा है। अपनी ही भाषा से दूर होकर हमने भौगोलिक दूरियों को कम किया है। ग्लोबल लैंग्वेज कही जाने वाली अंग्रेज़ी ने न जाने कितनी ही क्षेत्रीय भाषाओं से हमारी दूरियां बढ़ा दी हैं। मौजूदा समय में हिंदी के अलावा भारत में अगर सबसे ज्यादा कोई भाषा बोली जाती है तो वो अंग्रेजी ही है। हालांकि अभी भी हिंदी सबसे व्यापक स्तर पर बोली जाने वाली भाषाओं में शुमार है।

 


Advertisement

 

 

अंग्रेज़ी भाषा में युवा आजकल एक समृद्ध देश की तस्वीर तलाश रहे हैं। ऊंची बिरादरी वाले इस बात का खासतौर पर ख्याल रखते हैं कि उनके मुंह से हिंदी या क्षेत्रीय भाषा का कोई शब्द न फिसल जाए। इससे उनकी प्रतिष्ठा कम हो जाती है। थैंकयू बोलिए, शुक्रिया शब्द अब तोड़ा सस्ता मालूम पड़ने लगा है। लेकिन अगर आपको वाकई इनकी मातृभाषा की परख करनी है तो गरमा गरम चाय की प्याली में ऐसे किसी व्यक्ति की उंगली डाल दीजिए जो अंग्रेजी बोलकर जहीन बनने की कोशिश करता हो। इसके बाद वो यकीनन अपनी मातृभाषा में गाली-गलौज करने लगेगा। ये मातृ भाषा को लेकर हमारा रवैया ही है जिसके चलते इस देश में कुछ जबाने तो वक्त से साथ ही खत्म हो गईं और कुछ विलुप्ति के मुहाने पर बैठी हैं। संस्कृत इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण है।

आज मदर लैंग्वेज डे ट्रेंड कर रहा है और इसपर देश में लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मजे की बात है कि लोगों ने अंग्रेजी भाषा में ही क्षेत्रीय भाषाओं के प्रसार पर जोर दिया है।

 



 

 

 

 

 


Advertisement

मातृभाषा के प्रति आपका झुकाव इस बात की तस्दीक करता हैं कि आपने अपनी परंपरा और संस्कृति को बचाए रखा है। लिहाजा हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए क्योंकि ये हमें अपनी मिट्टी से जोड़े रखता है।

Advertisement

नई कहानियां

Tamilrockers पर लीक हुई ‘छिछोरे’, देखने के साथ फ्री में डाउनलोड कर रहे लोग

Tamilrockers पर लीक हुई ‘छिछोरे’, देखने के साथ फ्री में डाउनलोड कर रहे लोग


Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!

Sapna Choudhary Songs: सपना चौधरी के ये गाने किसी को भी थिरकने पर मजबूर कर दें!


जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका

जानिए कैसे डाउनलोड करें YouTube वीडियो, ये है आसान तरीका


प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें

प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा होगा ख़ुद के घर का सपना, जानिए इससे जुड़ी अहम बातें


ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं

ब्रह्माजी को क्यों नहीं पूजा जाता है? एक गलती की सज़ा वो आज तक भुगत रहे हैं


Advertisement

ज़्यादा खोजी गई

टॉप पोस्ट

और पढ़ें ट्विटर का टशन

नेट पर पॉप्युलर