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मदर टेरेसा की जमा पूंजी इतनी थी कि अगर वैटिकन बैंक से उसे निकाला जाता तो बैंक ही खाली हो जाता!

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2:57 pm 12 Nov, 2017

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आज दुनिया में और खास तौर से भारतीय उपमहाद्वीप में ऐसा ही कोई होगा जो मदर टेरेसा के नाम से वाकिफ न हो। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी गरीबों और ज़रूरतमंदों की सेवा में लगा दी, जिसे लोग आज भी याद करते हैं।

 

उन्हें कई बड़े सम्मान जैसे नोबेल शांति पुरस्कार, भारत रत्न, टेम्पटन प्राइज, ऑर्डर ऑफ मेरिट और पद्म श्री से नवाजा गया। अल्बानिया मूल की मदर टेरेसा ने कोलकाता में गरीबों और पीड़ित लोगों के लिए जो किया, वो दुनिया में अभूतपूर्व माना जाता है।

1910 में 26 अगस्त के रोज जन्‍मीं मदर टेरेसा ने 5 सितंबर 1997 को दुनिया को अलविदा कहा था।


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मदर टेरेसा सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी अपने परोपकारी कामों के लिए जानी जाती थीं। लेकिन बहुत से लोग नहीं जानते कि मदर टेरेसा ने अपने जीवनकाल में बड़े पैमाने पर धन की बचत की थी।

मदर टेरेसा का वैटिकन बैंक में इतना पैसा जमा था कि अगर वह उसे निकालती तो लगभग पूरा का पूरा बैंक ही खली हो जाता।

इटालियन की पत्रकार Gianluigi Nuzzi ने अपनी किताब ‘द ओरिजिनल सिन में इसका जिक्र किया है।

फ्रांसीसी भाषा में छपने वाले साप्ताहिक न्यूज़पेपर La Presse की रिपोर्ट्स की मानें तो अगर मदर टेरेसा ने अपना अकाउंट बंद या ट्रांसफर कर दिया होता, तो यह इस संस्थान लिए बड़ा खतरा होता।

 

अपनी इस बुक में पत्रकार ने वैटिकन से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया है, जिनमें वैटिकन के बैंक के प्रेजिडेंट Paul Marcinkus समेत कई और लोगों का नाम भी शामिल हैं। पुस्तक के माध्यम से बताया गया है कि मदर टेरेसा को इन पर पूरा भरोसा था और वह एक दूसरे दरवाजे से इस बैंक में आई थी, जहां खुद Marcinkus के दाहिने हाथ माने जाने वाले Monsignor De Bonis ने उनका स्वागत किया था।

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