सगी मां ने किडनी देने से किया मना, फिर सास ने सिर पर हाथ फेरा और कहा- ‘मैं जिंदा हूं, मैं तुझे दूंगी’

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Updated on 5 Oct, 2018 at 7:05 pm

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तेजतर्रार बहू और ज़ालिम सास। फ़िल्मों और टीवी सीरियल्स ने सास-बहू की इमेज कुछ ऐसी ही बना दी है, लेकिन जनाब असल में दुनिया इतनी भी बुरी नहीं है। अगर रिश्तों में प्यार का छौंक हो, तो सास-बहू की जोड़ी भी सुपर से ऊपर हो जाए। आज जिस सास के बारे में हम बताने जा रहे हैं, उन्होंने अपनी बहू की ज़िंदगी बचाने के लिए अपनी किडनी उसे दे दी।

 

 

 

अब बताइए कौन कहता है सास-बहू सिर्फ़ तू तू-मैं मैं ही करती हैं। बाड़मेर के गांधीनगर में रहने वाली गेनी देवी की बहू सोनिका की दोनों किडनियां खराब हो चुकी थीं। वो पिछले एक साल से दवाइयों पर ही ज़िंदा थी। दिन-ब-दिन उसकी हालत बिगड़ रही थी।

 

डॉक्टर्स ने परिवार को बता दिया था कि उसे दो तरीकों से ही अब बचाया जा सकता है। पहला डायलिसिस और दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट। ज़ाहिर है डायलिसिस पर हमेशा तो नहीं रहा जा सकता तो किडनी ट्रांसप्लांट करने का तय किया गया।


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परिवार वाले किडनी डोनर की तलाश में लग गए। काफ़ी तलाश के बाद भी जब कोई किडनी डोनर नहीं मिला तो सोनिका ने अपनी मां से बात की, क्योंकि मां तो आखिर मां होती है, वो मना नहीं कर सकती। लेकिन इस जन्मदात्री ने अपनी ही बेटी को किडनी देने से मना कर दिया। ये सुनकर सोनिका टूट गई और रोने लगी। तभी उसकी सास ने बहू के सिर पर हाथ फेरा कहा, “बेटी चिंता मत कर। मैं अभी जिंदा हूं। मैं तुम्हें अपनी किडनी दूंगी। तू भी तो मेरी बेटी है।” ये सुनकर बहू सोनिका की आंखें छलक आईं।

 

 

दिल्ली के अपोलो अस्पताल में सास की एक किडनी बहू को ट्रांसप्लांट की गई। अब सोनिका स्वस्थ है। सात जन्मों तक पति का साथ मांगने वाली बहू अब सात जन्मों तक इसी सास का साथ मांगने की दुआ कर रही है। सोनिका कहती हैं भगवान सात जन्मों तक सिर्फ पति ही नहीं, ऐसी सासू मां भी उसे दे। उसकी सास उसके लिए भगवान से कम नहीं है, उन्होंने उसको एक नई ज़िंदगी दी है।

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