भारत के इन अजीबोगरीब मंदिरों के बारे में जानकर आप रह जाएंगे हक्के-बक्के

Updated on 20 Apr, 2018 at 10:58 am

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भारत अनेकता में एकता का देश है। इस देश की विविधता ही इसे ख़ास बनाती है और दुनिया भर के लोगों को आकृष्ट करती है। धार्मिक विविधता तो है ही, आस्थाओं में भी विविधता पाई जाती है। कुछ आस्थाएं तो ऐसी हैं कि जानकार हक्के-बक्के रह जाएंगे। आइए कुछ आस्थागत विविधताओं को सेलिब्रेट करते हैं।

 

चाइनीज काली मंदिर, कोलकाता

 

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टेंगरा नामक जिस इलाके में यह मंदिर है वहां चीनी मूल के लोग अधिक संख्या में रहते हैं। कोलकाता के इस काली मंदिर में जो प्रसाद का भोग लगाया जाता है वह चाइनीज फुड होता है। यहां नूडल्स और फ्राइड राइस जैसी चाइनीज डिशेज का भोग लगाया जाता है, जिससे इस मंदिर का नाम ही चाइनीज काली मंदिर हो गया है।

 

करणी माता मंदिर, राजस्थान

 

 

राजस्थान के इस मंदिर में माँ दुर्गा के स्वरूप करणी माता का पूजन होता है। मंदिर की ख़ास बात यह है कि यहां 20,000 से भी ज्यादा चूहे को खिलाया-पिलाया जाता है और उनकी पूजा की जाती है।

 

रावण मंदिर, विदिशा

 

 

चौंकने के लिए यही जान लेना काफी है कि राम के देश में रावण का भी मंदिर है। जी हां! मध्यप्रदेश के विदिशा में स्थित रावणग्राम में लंकाधिपति रावण का मंदिर है। इस मंदिर में देवताओं की भांति श्रद्धा से रावण की पूजा-अर्चना होती है।

 

त्रिशुंड गणपति मंदिर, पुणे

 

 

इस मंदिर के नाम से ही पता चल जाता है कि पुणे के इस मंदिर में तीन सूंड वाले गणेश जी विराजमान हैं।

 

काली सिंह मंदिर, मुजफ्फरनगर

 

 

पूजा तो देवताओं की होती है लेकिन यहां जानवर भी पूजे जाते हैं। मुजफ्फरनगर स्थित काली सिंह मंदिर में जानवरों की खूब खातिरदारी होती है और इन्हें पूजा जाता है।



 

काल भैरव, उज्जैन

 

 

उज्जैन को महाकाल का स्थान बताया जाता है और यहां काल भैरव को पूजा जाता है। ख़ास बात यह है कि यहां प्रसाद के रूप में मदिरा चढ़ाई जाती है।

 

ज्वाला माता मंदिर, हिमाचल प्रदेश

 

 

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है यहां बिना तेल बाती के प्राकृतिक रूप से नौ ज्वालाएं जल रही हैं, जिन्हें नौ देवियों के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश में अवस्थित है।

 

कामाख्या मंदिर, असम

 

 

असम का यह मंदिर शक्तिपीठों में से एक है। बताया जाता है कि मंदिर के स्थान पर मां सती का योनि भाग गिरा था। इस मंदिर में योनि की पूजा की जाती है। यह साधकों के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध स्थल है।

 

ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर

 

 

अन्य देवी देवताओं के बहुतेरे मंदिर मिल जाएंगे लेकिन सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा के मंदिर कुछ ख़ास जगहों पर ही हैं। ऐसा ही एक स्थान है पुष्कर। यहां प्रसिद्ध पुष्कर मेला भी लगता है। ब्रह्मा जी के इस संगमरमर के मंदिर को चांदी के सिक्कों से सजाया गया है।

 

भारत माता मंदिर, हरिद्वार

 

 

जाते-जाते बताते चलें कि हरिद्वार में भारत माता का भी मंदिर है, जहां देवी देवताओं के साथ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी पूजा जाता है।


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