यह हवाई अड्डा खूबसूरत ही नहीं, खतरनाक भी है; लैंडिंग और टेकऑफ की चुनौती

9:39 am 19 May, 2017

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हवाई यात्रा किसे पसंद नहीं? बादलों के ऊपर से उड़ते हुए अपने गंतव्य पर कम से कम समय में पहुँचना सभी को अच्छा लगता है। और यह सफ़र काफी रोमांचक भी होता है। मगर कुछ जगह ऐसी भी हैं जहाँ हवाई यात्रा करते समय जोखिम भी उठाना पड़ता है।

भूटान देश में पारो छू नदी के किनारे पर बना पारो हवाई अड्डा देखने में जितना खूबसूरत लगता है, उतना ही खतरनाक भी है। 18 हज़ार फीट ऊंचे पहाड़ों के बीच में बने इस हवाई अड्डे पर विमान की लैंडिंग करना खतरे से खाली नहीं है।

दुनिया में केवल 8 पायलट ही इस काम को अंजाम देने के लिए प्रमाणित हैं।


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इस इलाके में अक्सर तेज़ हवाएं चलती हैं जिनकी वजह से विमान का संतुलन बनाए रखना और कठिन हो जाता है। ऊँचे पहाड़ों से घिरा और सिर्फ 6445 फीट लम्बा रनवे (जो की दुनिया के कुछ सबसे छोटे रनवे में शामिल है) दूर से दिखाई नहीं देता। यही कारण है कि यहाँ पर सिर्फ सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही टेकऑफ और लैंडिंग की इजाज़त है और वह भी साफ मौसम होने पर।

सन 2011 तक पारो हवाई अड्डा ही भूटान का एकमात्र हवाई अड्डा था। बुद्धा एयरलाइन्स यहाँ से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करती है। सन 2012 की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 1 लाख 81 हज़ार 659 यात्री इस हवाई अड्डे का इस्तेमाल कर चुके हैं।

बताते चलें कि नेपाल का लुक्ला हवाई अड्डा, फ्रांस का कोउर्चेवेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सेंट मार्टेन का प्रिंसेस जुलिआना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, ग्रीनलैंड का नार्सर्सौक हवाई अड्डा आदि भी दुनिया के सबसे खतरनाक हवाई अड्डों में शामिल हैं। हालांकि पारो को दुनिया के सबसे खतरनाक हवाई अड्डों में 6ठे स्थान पर रखा गया है।

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