अगर आप भी बड़े चाव से खाते हैं मोमोज़, तो ये खबर पढ़कर खाना छोड़ देंगे!

Updated on 22 Sep, 2018 at 7:23 pm

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चटपटे स्ट्रीट फूड भला किसे पसंद नहीं आते, खासतौर पर मोमोज़ और पानी पूरी तो लोगों की पसंदीदा है। इनका नाम लेते ही मुंह में पानी आ जाता है। दिल्ली में ठेलों पर मिलने वाला मोमोज़ काफी पोपुलर स्ट्रीट फ़ूड है, लेकिन हाल ही में एक रिसर्च में मोमोज़ के बारे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।

 

 


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इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग एंड न्यूट्रिशन पूसा ने दिल्ली में बिकने वाले स्ट्रीट फ़ूड पर एक रिसर्च की है। रिसर्च में सामने आया कि स्ट्रीट फूड में मोमोज़ सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले होते हैं।

 

इसकी गुणवत्ता तो खराब है ही, साथ ही इसके साथ खाई जाने वाली लाल तीखी चटनी बहुत खतरनाक है। इससे कई तरह की बीमारी हो सकती हैं, क्योंकि इसमें जरूरत से ज्यादा फीकल मैटर (अनहाइजैनिक तरीके से पानी या फूड के जरिए शरीर में जाने वाली गंदगी) पाई जाती है।

 

 



रिसर्च के मुताबिक, मोमोज़ बनाने के लिए ब्लीचिंग मैदा का उपयोग होता है, साथ ही इसमें कई तरह के केमिकल का भी इस्तेमाल किया जाता है। इनमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट होता है, जो हड्डियों को कमजोर बनाता है। इससे नर्वस डिसऑर्डर की समस्या हो सकती है।

 

मोमोज में पत्तागोभी की स्टफिंग की जाती है जिसे पकाया नहीं जाता है और चटनी इतनी तीखी होती है कि इसे खाने से पाइल्स की बीमारी भी हो सकती है। इसके अलावा नॉनवेज मोमोज में खराब या पहले से मरे हुए चिकन की स्टिंग कर दी जाती है जो सेहत के लिए बहुत खतरनाक होती है।

 

 

इसलिए अगली बार किसी ठेले वाले के यहां से मोमोज़ खाने की गलती न करें। इतना ही नहीं तले हुए स्ट्रीट फ़ूड खाने से भी आपको पेट में ऐंठन, टाइफाइड, उल्टी, दस्त, एसिडिटी, डिसेंट्री जैसी बीमारियां हो सकती हैं, क्योंकि ऐसे खाने कुछ देर के बाद ही खराब हो जाते हैं और रोड पर मिलने वाला खाना हमेशा ताज़ा नहीं होता।

बेहतर होगा कि आप स्ट्रीट फ़ूड खाने से बचे और यदि कभी खाने मन हुआ तो ठेले वाली की बजाय किसी साफ़-सुथरी जगह पर जाकर खाएं और खाने के बाद गुनगुना पानी पी लें।


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