गुजरात के इस खास मस्जिद में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो के साथ जाएंगे पीएम मोदी

Updated on 13 Sep, 2017 at 3:14 pm

Advertisement

जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे आज से भारत दौरे पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद में उनकी मेज़बानी करेंगे। शिंज़ों की इस यात्रा से लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि वो दिल्ली की बजाय गुजरात क्यों आ रहे हैं। इतना ही नहीं शिंज़ो और मोदी गुजरात में सबसे पहले सिदी सईद मस्जिद का दौरा करेंगे आखिर ऐसा क्यों?

हालांकि, इन सवालों का जवाब पीएम मोदी के अलावा शायद किसी के पास नहीं होगा। जापानी मेहमानों के लिए अहमदाबाद के बुटीक हेरीटेज होटल हाउस ऑफ़ मंगलदास गिरधरदास में ख़ास डिनर का आयोजन किया जाएगा, लेकिन इससे पहले मोदी और अबे यहां करीब ही मौजूद सिदी सईद मस्जिद जाएंगे। अब यदि पीएम मोदी ने इस मस्जिद को चुना है, तो ज़रूर कोई खास वजह रही होगी। ये वजह क्या है कोई नहीं जानता है।

क्यों खास है सिदी सईद मस्जिद

इस मस्जिद का निर्माण यमन से आने वाले सिदी सईद ने करवाया था, इसलिए मस्जिद का नाम उन्हीं के नाम पर है। इसका निर्माण शुरू हुआ था साल 1573 में।  यह मुग़ल काल में अहमदाबाद में बनी सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है। इसकी पश्चिमी दीवार की खिड़कियों पर उकेरी गई जालियां पूरी दुनिया में मशहूर है। एक-दूसरे से लिपटी शाखाओं वाले पेड़ को दिखाती ये नक्काशी पत्थर से तैयार की गई हैं। हालांकि, यह जामा मस्जिद से काफ़ी छोटी है और इसके बीचो बीच खुली जगह भी नहीं है, लेकिन नक्काशी के मामले में यह दुनिया की शीर्ष मस्जिदों में शुमार होती हैं। इस मस्जिद को बनाने वाले सिदी सईद को बादशाह अकबर ने अमीरुल हज बनाकर भेजा था।



अधूरी है यह मस्जिद

मस्जिद का काम चल ही रहा था लेकिन साल 1583 में सिदी का इंतक़ाल हो गया और इसका निर्माण अधूरा रह गया और मस्जिद आज भी उसी हाल में है। अधूरी होने के बावजूद लोग इस मस्जिद के दीवाने हैं और उसकी सबसे बड़ी वजह है मस्जिद की जाली।इस जाली की खासियत ये है कि इसे छोटे-छोटे टुकड़ों से जोड़कर बनाया गया है। नौ बाई दस आकार की ये जाली दूर से वन पीस लगती है। यह जाली अहमदाबाद की पहचान है। यहां तक कि आईआईएम अहमदाबाद के प्रतीक में भी यह जाली नज़र आती है।

अब पीएम मोदी जापानी जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे के इस पहले इसी मस्जिद में क्यों जा रहे है ये तो वही बता सकते हैं।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement