सरकार ने उठाया ऐसा कदम कि पाक के कब्जे वाला कश्मीर हो सकता है भारत का अहम हिस्सा

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Updated on 2 Dec, 2016 at 7:28 pm

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट ने पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) से आए शरणार्थियों के विकास के लिए 2000 करोड़ रुपए के पैकेज को मंजूरी दे दी है।

गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित इस पैकेज के अन्तर्गत जम्मू, कठुआ और राजौरी जिलों के विभिन्न हिस्सों में बसे हुए करीब 36,348 परिवारों को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी।

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आपको बता दें कि पश्चिमी पाकिस्तान, ज्यादातर PoK से आए शरणार्थी जम्मू, कठुआ और राजौरी जिलों के विभिन्न हिस्सों में बस गए हैं। हालांकि, ये शरणार्थी जम्मू-कश्मीर के संविधान के अनुसार, राज्य के स्थायी निवासियों में शामिल नहीं हैं। ये विस्थापित लोग लोकसभा चुनाव में वोट डाल सकते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर विधानसभा के चुनाव में ये अपना मत नहीं डाल सकते।

इस पैकेज के तहत प्रत्येक परिवार को लगभग साढ़े 5 लाख रुपए सहायता के रूप में मिलेंगे। यह राशि विस्थापित परिवारों को बसने के लिए दी जाएगी।

जिन परिवारों को ये सरकारी मदद दी जाएगी, उनमें कुछ परिवार वो हैं जो 1947 में भारत के बंटवारे के समय विस्थापित हो गए थे और वहीं उन  परिवारों को भी इसमें शामिल किया गया है जो 1965 तथा 1971 में पाकिस्तान के साथ युद्धों के दौरान विस्थापित हुए थे।



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आपको बता दें कि मोदी सरकार ने जनवरी 2015 में जम्मू-कश्मीर में बसे पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों की समस्याओं पर गौर करने के बाद शरणार्थियों के लिए कुछ रियायतें मंजूर की थीं।


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इन रियायतों में अर्धसैनिक बलों में शामिल करने के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाना,  राज्य में समान रोजगार के अवसर देना, शरणार्थियों के बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में दाखिला देने जैसे कई कदम अहम शामिल हैं।

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