देश के हर गांव तक पहुंची बिजली, तय समय से पहले ही मोदी सरकार ने पूरा किया अपना लक्ष्य

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Updated on 29 Apr, 2018 at 1:59 pm

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हमारे देश को आजाद हुए 70 साल से ऊपर का वक्त हो गया है। इन सत्तर सालों में हमने विभिन्न क्षेत्रों में कई कीर्तिमान स्थापित किए। दुनियाभर में अपनी एक अलगपहचान बनाई, लेकिन कुछ ऐसा रहा जो हमेशा से ही खटकता रहा। सत्तर सालों में कितनी सरकार आईं गईं। सबने भारत विकास का नारा दिया, लेकिन जमीनी हकीकत इस नारे से कोसो दूर ही नजर आई।

इन सत्तर सालों में हम आधुनिक तो होते चले गए, लेकिन इंटरनेट और स्मार्टफोन के जमाने में आते- आते भारत के हर गांव में लोगों की झोपड़ी रोशन न हो पाना वाकई दुर्भाग्य की बात रही।

जहां पूरा देश एडवांस टेक्नोलॉजी के जरिए आगे बढ़ा, वहीं देश के कई गांवों को बिजली का मुंह देखना तक नसीब नहीं हुआ। इनके घरों में रोशनी की एक झलक भी आजादी के बाद से नहीं देखी गई।

 

 

लेकिन अब आजादी के सत्तर साल बाद ही सही, रोशनी से ओझल रहे 18 हजार से अधिक गांवों में बिजली पहुंच गई है।

 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2015 को दिल्ली के लाल किले से एक हजार दिन के भीतर गांवों में बिजली पहुंचाने की घोषणा की थी। पीएम मोदी ने 18,452 गांवों को 1000 दिनों के अंदर बिजली देने का बड़ा वादा किया था।

 

इस योजना के तहत बिजली मंत्रालय ने यह कार्य एक मई 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इसे समयसीमा पूरी होने से 12 दिन पहले ही 28 अप्रैल (988वें दिन) को ही पूरा कर लिया गया।

 

 

योजना के अंतर्गत केवल 988 दिनों के अंदर 17,181 गांवों को बिजली पंहुचा दी गई, जबकि 1236 गांव ऐसे रहे जहां कोई आबादी नहीं रहती, ऐसे गावों को छोड़ दिया गया। ये जानकारी दूरदर्शन न्यूज़ ने ट्वीट कर दी।


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जो गांव बिजली से लाभान्वित हुए हैं, उनमें सबसे ज्यादा उड़ीसा, झारखंड, बिहार, असम और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के गांव शामिल हैं।

 

 

कई दुर्गम इलाकों में भी बिजली पहुंचाने का काम किया गया। नक्सल और वामपंथी अतिवाद से प्रभावित क्षेत्रों के करीबन सात हजार से अधिक गांवों में भी बिजली पहुंचाई गई।

 

इन गांवों में बिजली पहुंचने के बाद देश के सभी गांवों के अब विद्युतीकृत होने की बात कही जा रही है।

 

 

सरकार की ग्रामीण विकास योजना ने इस कार्य में अहम भूमिका निभाई। सरकार की इस पहल से गांव के लोगों में काफी उत्साह नजर आ रहा है। आखिरकार उनके घर में कई दशकों बाद रोशनी का आगमान जो हुआ है।

 

अब मार्च 2019 तक ‘सौभाग्य’ योजना के तहत 3.63 घरों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य है। इसमें से अब तक करीबन 50 लाख घरों तक बिजली पहुंचाने का कार्य किया जा चुका है। सौभाग्य योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना पर कुल 16,320 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है। इसमें से अधिकतर राशि केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी।

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