बहुत नाइंसाफी है! एमजे अकबर की 97 वकीलों की फ़ौज V/s एक महिला पत्रकार

Updated on 24 Oct, 2018 at 5:54 pm

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#MeToo कैंपेन के तहत यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने सोमवार को आरोप लगाने वाली महिला प्रिया रमानी के खिलाफ़ पटियाला हाउस कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया। कहा जा रहा है इस केस को लड़ने के लिए अकबर 97 वकीलों की मदद लेंगे, जिनमें 35 महिलाएं भी शामिल हैं।

 

 

अकबर की ओर से लॉ फर्म करंजवाला एंड कंपनी और वकालतनामा उनका केस लड़ेंगी। फर्म के वकालतनामा में 97 वकीलों नाम दर्ज हैं लेकिन बताया गया है कि उनमें से केवल 6 वकील अकबर का केस लड़ेंगे।

 

 

लॉ फर्म ‘करनजावाला एंड को’ के प्रवक्ता ने बताया, “केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर ने हमारे फर्म के जरिये पत्रकार के खिलाफ मानहानि का केस किया है। हमारे फर्म में कुल 100 वकील हैं। आमतौर पर वकालतनामा पर सभी वकीलों के नाम लिखे रहते हैं, जो वकील कोर्ट में पेश होता है, वही इस पर साइन करता है।” लॉ फर्म के प्रवक्ता ने आगे बताया, “हमारी क्रिमिनल टीम में 6 मेंबर हैं और ये 6 वकील ही पटियाला कोर्ट में एमजे अकबर का केस लड़ेंगे।”

 


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ये वकालतनामा सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियों के साथ शेयर किया जा रहा है।

 

 

 केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर रमानी समेत 10 से ज्यादा महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। यह आरोप उस वक्त के है जब एमजे अकबर मीडिया संस्थानों में ऊंचे पदों पर कार्यरत थे।

 

नाइजीरिया दौरे से लौटते ही एमजे अकबर ने एक प्रेस कॉफ्रेंस कर खुद पर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया। इस दौरान अकबर ने ये सवाल भी उठाया इस तरह के आरोप आम चुनाव से पहले ही क्यों लग रहे हैं।

 

 

अकबर ने कहा, “प्रिया रमानी ने ये कैंपेन एक साल पहले शुरू किया था। उन्होंने यह कैंपेन एक मैग्जीन में आर्टिकल देकर शुरू किया था। उस वक्त मेरा नाम क्यों नहीं दिया? ऐसा इसलिए क्योंकि वह जानती थी ये एक झूठी कहानी है।” अकबर ने कहा, “झूठ के कोई पांव नहीं होते पर उसमें जहर घुला होता है और लोग इसे अपना मतलब निकालने के लिए घुमाते हैं।

सोशल मीडिया पर एमजे अकबर के एक महिला के खिलाफ 97 वकीलों को खड़ा करने को लेकर उनकी खासी आलोचना हो रही है।

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