9 ऐसी गलतियां जो बनते हैं रिश्तों में खटास के कारण

Updated on 4 Jul, 2017 at 7:39 pm

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आजकल के रिश्ते वैसे नहीं रहे जैसे हमारे दादा-दादी या नाना-नानी के जमाने में हुआ करते थे। बदलते-बदलते हमने बहुत कुछ एकदम से बदल लिए हैं। इतने कि रिश्तों में प्रेम से ज्यादा तनाव तैरता पाया जाता है।

आजकल छोटी-मोटी बातों पर कलह, झगड़े, तनाव और यहां तक कि तलाक तक लोग पहुंच जा रहे हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही गलती के बारे में जिससे बचना जरूरी है।

1. एक-दूसरे की एकदम नहीं सुनते

लोग रिश्ते में होने के बावजूद एक दूसरे की सुनना पसंद नहीं करते। सब आजकल अपनी बात दूसरे के सामने रखना चाहते हैं लेकिन सुनने को तैयार नहीं रहते। प्रेमी या पति-पत्नी एक दूसरे के सामने अपने दिल की रखना चाहते हैं लेकिन किसी के पास ऐसा पैसेंस नहीं रहता कि जो अपने पार्टनर की भी सुन सके। अगर दोनों मिलकर कोई निर्णय लेना चाहते हैं तो एक-दूसरे को सुनना आवश्यक है।

2. कमिटमेंट की कमी रहती है

संबंधों को दरकने के एक कारण यह भी है। लोगों की प्रतिबद्धता में बहुत कमी हो गयी है। आजकल की पीढ़ी अधिक समय तक प्रतिबद्ध रहने से डरती है। पहले लोग इससे भागते हैं फिर इसे ठीक करने की कोशिश करते हैं। लोग धैर्य नहीं रख पाते और जल्द ही रिश्ते को ‘ना’ कह देते हैं।


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3. ‘रिश्तों में लक्ष्य’ पाना प्राथमिकता

आजकल ‘रिलेशनशिप गोल’ नाम की चीज आ गई है जो रिश्तों को सांस तक लेने में दिक्कत हो रही है। रिश्ते मजेदार और स्ट्रेसलेस नहीं रहे। फिल्म, सोशल मीडिया आदि के बनावटी तामझाम में लोग संबंधों को तनावपूर्ण बना लेते हैं जिसका जीवन के असल आनंद से कोई लेना देना नहीं है। दूसरों के दिखावटी विचार और प्रभाव से लोग खुद की रिलेशन को तबाह करने लगते हैं।

4. सोशल मीडिया और डेटिंग वेबसाइट का प्रभाव

सोशल मीडिया और डेटिंग वेबसाइट के आविष्कार ने संबंधों को बिगाड़ने में ‘आग में घी’ का काम किया है। इससे लोगों को लगता है कि उनके पास अनगिनत विकल्प हैं। जब चाहें अपने पसंद के लोगों से जुड़ सकते हैं, सम्बन्ध भी बना सकते हैं। लोग सोच लेते हैं कि बाकी सब ऐसे ही आराम और सुख-चैन से हैं जैसे फोटो में दिखते रहते हैं। कभी-कभी छलावे में आकर सब कुछ तबाह कर लेते हैं। इन सबसे उनके पास समय भी कम ही बचता है जो वो पार्टनर को नहीं दे पाते।

5. लगातार उत्साह की चाह

प्यार में लगातार उत्साह और जश्न की कमी होती जाती है। समय के साथ सब कुछ धीमा और सुस्त हो जाता है जिससे लोग उब जाते हैं। इन उबाऊ परिस्थिति में लोग गलती कर बैठते हैं। वो ये नहीं समझ पाते कि प्यार उत्साह, जश्न से बढ़कर कोई चीज है. धैर्य खोकर लोग रिश्तों से हाथ तक धो बैठते हैं।



6. जोड़-तोड़ से नहीं बनती बात

रिश्ते दो दिलों को मिलाते है। यह एक साझा भावना है जिसमें लोग जुड़े रहते हैं। लेकिन एक समय ऐसा आता है कि लोग संबंध के आगे लोग शानो-शौकत को तवज्जो देने लगते हैं। फिर जब मामला हाथ से निकल जाता है तो कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं. ऐसा सब जगह देखने को मिल जाएगा।

7. खतम नहीं होती ‘उसकी’ तलाश

दुनिया में सबको किसी ‘स्पेशल’ की तलाश होती है जो कभी ख़तम नहीं होती। दुनिया में चाहने का कोई अंत नहीं है। लोगों को लगता है कि उसका पार्टनर, पार्टनर नहीं फ़रिश्ता है जो सभी इच्छा पूरी कर सकता है। ये तलाश कभी ख़तम नहीं होती और ये समस्याओं का कारण बनती है।

8. मोबाइल है समस्याओं की जड़

मोबाइल हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण डिवाइस बन गया है। लोग इसके बिना रह नहीं पाते। यहां तक की लोग पार्टनर से बात करते हुए भी मोबाइल पर लगे रहते हैं। बिना किसी अवरोध के पार्टनर को समय देना इतिहास बन गया है। जीवन अमूल्य है, फोन पर इसे नष्ट नहीं करना चाहिए।

9. तय करते हैं सीढियां

आजकल लोग स्टेप बाइ स्टेप सीढियां तय करते हैं। कब पहली बार प्रपोज किया, कब रिलिशंशिप में आए, कब शादी की, कब सेक्स किया ये मायने रखने लगे हैं। संबंधों की गर्माहट इन क़दमों तले कब के दब चुके हैं। संबंध को संवेदना के साथ निभाना पड़ता है. जो आजकल रेयर हो गया है।

The Odyssey Online


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