नेताओं को देना पड़ सकता है पत्नी की संपत्ति का ब्योरा

Updated on 13 Sep, 2017 at 5:16 pm

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हमारे देश में किसी भी तरह की नौकरी कर लीजिए, लेकिन तनख्वाह उतनी नहीं बढ़ती कि आप साल-दो साल में ही करोड़पति बन जाएं। हालांकि, नेताओं के साथ ऐसा नहीं है। यदि आप नेता बन गए तो साल भर के अंदर आपकी संपत्ति कई गुना अधिक बढ़ जाती है। अब ये कैसे होता है ये तो हमें नहीं पता, लेकिन नेताओं की बढ़ती संपत्ति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई है।

इस पर केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करते हुए अब उम्मीदवारों को न केवल अपने आय के स्रोत, बल्कि उनकी पत्नी के आय के स्रोत को भी घोषित करना होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग से इस बारे में बात की गई है, जो इस बात पर सहमत है। कानून मंत्रालय ने इस संबंध में चुनाव आयोग से बात की है।


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बता दें कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करके बताया था कि दो चुनावों के बीच किन जनप्रतिनिधियों की संपत्ति में ‘बेतहाशा बढ़ोतरी’ हुई है। नेताओं की बढ़ती संपत्ति मामलों में करीब 289 नेताओं के नाम शामिल हैं और इसमें हर राजनीतिक दल का कोई न कोई नेता शामिल है।

इस पर कुछ सांसदों का यह भी तर्क होता है कि उनकी प्रॉपर्टी का मूल्यांकन वर्तमान बाजार मूल्य से किया जाता है। हालांकि, कोर्ट चाहता है कि इसकी हर स्तर पर जांच होनी चाहिए, जिससे स्पष्ट हो सके कि नेताओं की आय में हुई वृद्धि कानूनी तौर पर सही है या नहीं। यदि कानून मंत्रालय इस मामले पर सख्ती दिखाते हुए कानून बना देती है तो बेचारे नेताओं की फजीहत हो जाएगी और पत्नी के नाम पर अवैध धन जमा करने वालों को कुछ और रास्ता निकालना होगा।

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