सड़क बदलने के साथ क्यों बदल जाता है मील के पत्थरों का रंग?

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Updated on 30 Nov, 2017 at 5:42 pm

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लंबी यात्रा के दौरान अक्सर अापने सड़क किनारे लगे मील के पत्थर को देखते ही होंगे, जिस पर आने वाली जगह के नाम के साथ स्थान की दूरी के अलावा कई तरह के निशान भी लगे होते है। क्या अापने ध्यान दिया है कि इन मील के पत्थरों का ऊपरी हिस्सा का रंग सड़क बदलने के साथ ही बदल जाता है। कहीं आपको पीले रंग के तो कहीं हरे रंग के तो कहीं काले या नारंगी। अलग-अलग रंगों का मतलब भी अलग होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसा होता क्यों है। आइए जानते है इन रंगों का मतलब क्या होता है।

1. पीला रंग

 

रोड पर ड्राइव के दौरान अगर आपको सड़क किनारे एक एेसा पत्थर दिखे जिसका उपरी हिस्सा पीले रंग का है, तो जान लीजिए कि आप किसी नेशनल हाईवे पर से गुजर रहे हैं। नेशनल हाईवे राज्यों को अापस में जोड़ते हैं। दिसंबर 2016 के अांकड़ों के हिसाब से हमारे देश में करीब 1,65,000 किलोमीटर तक का नेशनल हाईवे का नेटवर्क फैला है। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है।


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2. हरा रंग

 

जब अापको सड़क के किनारे मील के पत्थर के उपरी हिस्सा हरे रंग का दिखाई दे तो समझ जाइए की अाप स्टेट हाईवे पर से गुजर रहे हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी राज्य सरकार का है। स्टेट हाईवे राज्यों और जिलों को अापस में जोड़ते हैं।



3. काला रंग

 

सफर के दौरान यदि जब आपको सड़क पर काले रंग की पट्टी वाला माइलस्टोन दिखे तो समझ जाइए की आप किसी बड़े शहर या जिले में आ गए हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी जिला प्रसाशन का है।

4. नारंगी रंग

 

जब आपको सड़क पर नारंगी रंग की पट्टी वाला माइलस्टोन दिखे तो समझ जाइए की आप गाव की सड़क पर आ गए हैं। नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे से गांवों को जोड़ती है। ये सडकें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई जाती है।


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