एक से अधिक शादी करने वाले अब नहीं बन सकेंगे शिक्षक

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Updated on 13 Jan, 2016 at 2:05 pm

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उत्तर प्रदेश में अब एक से अधिक शादी करने वाले व्यक्तियों को टीचर की नौकरी नहीं मिलेगी। अखिलेश यादव की सरकार ने 3500 उर्दू शिक्षकों की भर्ती के लिए नोटिस जारी किया है। हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस नोटिस में कहा गया है कि दो पत्नियां रखने वाले लोगों के नाम पर विचार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा ऐसी महिलाओं के नाम पर भी विचार नहीं किया जाएगा, जिन्होंने ऐसे पुरुष से शादी की हो, जिनकी दो पत्नियां हों और दोनों जीवित हों। अभ्यर्थियों को साफ निर्देश दिया गया है कि उनको अपनी वैवाहिक स्थिति के बारे में बताना होगा।

नोटः प्रतीकात्मक तस्वीर।


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माना जा रहा है कि सरकार के इस आदेश की वजह से मुसलमानों में नाराजगी बढ़ सकती है। हालांकि, सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि विधवा पेंशन के लिए कोई संशय नहीं रहे।

इस बीच, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि इस तरह के नियम का मतलब मुसलमानों के अधिकारों का उल्लंघन है। लखनऊ इदगाह के इमाम और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य खालिद रसीद फिरंगी महल का कहना है कि नौकरियों के लिए सरकार इस तरह की शर्तें नहीं थोप सकतीं। इस्लाम में चार शादियों की इजाजत है। और इस तरह के नियम का उद्येश्य मुसलमानों की भर्ती रोकने जैसा है।

वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक गिरिजेश चौधरी कहते हैं कि सरकार का यह आदेश सबपर समान रूप से लागू होता है। चाहे वह उर्दू पढ़ाने वाला शिक्षक हो या फिर हिन्दी पढ़ाने वाला। यह नियम इसलिए बनाया गया है कि ताकि पेंशन को लेकर कोई संशय नहीं रहे।

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