AMU में मुस्लिम युवतियों की आवाज दबाने की कोशिश, महिला पत्रकार को रिपोर्टिंग करने से रोका

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Updated on 24 Aug, 2017 at 4:24 pm

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक करार देते हुए इसपर रोक लगा देने के फैसले का मुस्लिम समुदाय की महिलाओं ने स्वागत किया है।

सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत हर कोई कर रहा है। ऐसे में जब इंडिया टुडे की एक महिला पत्रकार तीन तलाक के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में मुस्लिम लड़कियों की प्रतिक्रिया लेने के लिए पहुंची, तो कुछ लड़कों ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी।

Ilma-Hasan

इलमा हसन नाम की यह पत्रकार एएमयू कैंपस में छात्राओं की प्रतिक्रिया ले रही थीं, तभी लड़कों का एक गुट लाइव रिपोर्टिंग के बीच में आ गया। इन युवकों ने लाइव डिबेट का विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। रिपोर्टिंग के लिए परमिशन लिया है या नहीं ये पूछने लगे। इलमा के ये कहने के बावजूद कि उसने परमिशन ली है, ये युवक टस से मस नहीं हुए और अभद्रता पर उतर आए। बयान दे रही अन्य युवतियों को भी डरा धमकाकर वहां से भेजने की कोशिश की गई।

ilma hasan

इन लड़कों ने महिला पत्रकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह युवतियों व महिलाओं को बरगलाकर तीन तलाक पर प्रतिबंध के समर्थन में जबरन बयानबाजी करा रही है।

इस बीच धक्कामुक्की व हाथापाई तक की नौबत आ गई। युवकों की भीड़ ने महिला को घेर रेखा था। तभी अन्य मीडियाकर्मी वहां पहुंचे और महिला पत्रकार को वहां से ले गए।

ilma hasan

इस पूरी घटना का विडियो इंडिया टुडे के पत्रकार राहुल कंवल ने अपने ट्विटर पर साझा किया है। उन्होंने  ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखाः

“हमें अपनी पत्रकार इलमा हसन पर गर्व है, वो उन गुंडों के सामने नहीं झुकी, जो लाइव रिपोर्टिंग के दौरान उनके शो में आ गए थे।”

सोशल मीडिया पर भी इस महिला पत्रकार की तारीफ हो रही है।


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