शादी के लिए ऐसी लड़की चाहिए जिसे ‘फेसबुक की लत’ न हो

Updated on 30 Aug, 2018 at 6:10 pm

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सोशल मीडिया और मोबाइल के बढ़ते उपयोग से आज कोई अछूता नहीं है। तकनीक आज सबके हाथ में है और लोग इसका इस्तेमाल भी बखूबी कर रहे हैं। आने वाले समय में इसके और भी बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में परिवर्तन की यह हवा क्या सामाजिक व्यवस्था द्वारा स्वीकार किया जा रहा है! यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है, जिस पर हम सबको एक बार सोचना चाहिए।

 

हम बात कर रहे हैं इस विज्ञापन की, जिसने समाज में व्याप्त मानसिकता को परत खोल दी है!

पश्चिम बंगाल का यह विज्ञापन बता रहा है कि ऐसी दुल्हन चाहिए जिसे फेसबुक की लत न हो। हालांकि, बंगाल में ही नहीं, इस तरह के विज्ञापनों का चलन सा शुरू हुआ है। यह एक विज्ञापन नहीं है, बल्कि एक ट्रेंड है जो आपको देखने को मिल सकता है। लड़के शादी के लिए अब ऐसी लड़कियों से दूरी बना रहे हैं, जिन्हें फेसबुक या सोशल मीडिया की लत हो।

फिलहाल, जिस विज्ञापन की हम बात कर रहे हैं, उसमें लिखा हैः


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“लड़का एक सरकारी नौकरी में है, उसे अपने साथी से कुछ ही चीज़ें चाहिए। उसकी उम्र 18 से 22 के बीच होनी चाहिए। 12वीं तक पढ़ाई बहुत है, लेकिन बस लड़की को फ़ेसबुक और व्हाट्सएप की लत न हो।”

विज्ञापन विशेषज्ञ की मानें तो इन विज्ञापनों के पीछे एक मानसिकता काम करती है, जिसके अनुसार सोशल मीडिया पर लगी रहने वाली लड़कियां आगे जाकर विवाहेत्तर संबंधों में पड़ सकती हैं। यह शादीशुदा जीवन के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इतना ही नहीं, कुछ लोग ऐसा जीवन साथी नहीं चाहते, जिसे अपना जीवन लोगों के बीच बांटने का शौक हो!

ये भी सच है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल भारत में लोग सबसे ज्यादा करते हैं। यह डिप्रेशन जैसी मानसिक बीमारियों का कारण बनता जा रहा है, लेकिन क्या ये इतना खतरनाक हो गया है कि बकायदा विज्ञापन जारी करना जरूरी हो गया हो।

सोचने की बात है!

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