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महाभारत काल में इंटरनेट की बात सुनकर दौड़ने लगे सबके दिमाग, तभी तो आ रहे हैं ऐसे मजेदार जवाब

2:11 pm 20 Apr, 2018

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हमारा देश काफी खुशमिजाज किस्म का देश है। तरह-तरह के लोगों के बीच यहां हंसने-हंसाने की कई वजह बेहद आसानी से मिल जाती हैं। यदि आपके पास हंसने की कोई वजह न भी हो तो भारतीय नेता इस बात का पूरा ध्यान रखते हैं कि आपके चेहरे की मुस्कुराहट कभी कम न हो पाए। यकीन न हो तो अखबार उठा कर मंत्रियों के बयान पढ़ लीजिए।

भारतीय मंत्रियों ने ऐसे एक से बढ़कर एक मनोरंजक बयान दिए हैं कि अवसाद-ग्रस्त व्यक्ति भी कुछ पल के लिए ठहाके लगा पड़े।

यदि मंत्रियों के बयान से किसी सख्त इंसान का दिल न भी पिघले तो सोशल मीडिया में मौजूद हमारे मीम सिपाही बाक़ी की कमी पूरी कर देते हैं। ऐसे एक-दो नहीं, बल्कि कई उदाहरण आपको बेहद आसानी से मिल जाएंगे जब हमारे मंत्रियों ने देश की जनता को हंसाने की खातिर कोई ऊटपटांग बयान दिया हो। ताजा मामला त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब के बयान से जुड़ा हुआ है।

 

 

मंत्री जी ने यह बयान क्या दे दिया मानो लोगों को तो हंसी-मजाक करने का मौक़ा मिल गया हो। इस मामले में हमारे भाई-बहनों के तेजतर्रार दिमाग को सलाम, जो मामले की गहराई में जाकर ऐसे-ऐसे तथ्य ढूंढ कर ला रहे हैं कि हंसते-हंसते आपका पेट दुःख जाएगा।

आखिर मंत्री महोदय ने ऐसा क्या कह दिया? और किस अंदाज में लोग ले रहे हैं चुटकियां! आइए जानते हैं।

जनाब! त्रिपुरा के मुख्यमंत्री श्री बिप्लब कुमार देब का कहना है कि इंटरनेट का अविष्कार भारत में लाखों साल पहले हो चुका था।

जी हां! आपने सही पढ़ा, बल्कि मंत्री जी का तो यह भी कहना है कि महाभारत काल में हमारे पास सिर्फ इंटरनेट ही नहीं, बल्कि सैटेलाइट्स भी मौजूद थे। अपनी बात को मजबूती देते हुए मंत्री जी कहते हैं कि महाभारत के युद्ध का हाल धृतराष्ट्र ने अपने महल में बैठकर संजय की आंखों से देखा था, यह इंटरनेट जैसी टेक्नोलॉजी नहीं है तो और क्या है?

सोशल मीडिया में बैठे हमारे नौजवान मीम सिपाहियों को तो जैसे इस बयान से मसालों की खदान मिल गई हो। तभी तो सोशल मीडिया में लोग मसाले झिड़क-झिड़क कर ऐसे फनी पोस्ट कर रहे हैं कि पढ़ते की बंदे की आत्मा तक लोट-पोट हो जाए।

आइए इनमें से कुछ पोस्ट पर नजर डालते हुए आप भी मुस्कुरा लीजिए।

1. ये महाशय तो महाभारत काल का पेनड्राइव ही खोज लाए।

 

2. आखिर कृष्ण भी इंटरनेट का इस्तेमाल करते पकड़े गए।

 

3. इनकी थ्योरी तो बिलकुल सच लगती है।

 

 

मोहतरमा का कहना है कि एकलव्य ने द्रोणाचार्य की व्यायाम कक्षा में भर्ती होने की कोशिश की, लेकिन द्रोणाचार्य के मना करने के बाद उसने यूट्यूब में देखकर ही व्यायाम करना सीख लिया।

4. हमारे अधिकतर युवाओं की तरह महाभारत काल में द्रौपदी का रिलेशनशिप स्टेटस था : कॉम्प्लिकेटेड।

 

5. अच्छा! तो यह थी महाभारत युद्ध की असल वजह।

 

6. काश रामायण काल में भी इंटरनेट मौजूद होता तो हनुमान जी को इतनी मेहनत नहीं करनी पड़ती।

 

7. ये रहा महाभारत काल का इंटरनेट सिग्नल।

 

8. ये तो मंत्री जी की बात से पूरी तरह सहमत लगती हैं।

 

9. ये देखिए, उस दौर में भी फ्लिपकार्ट मौजूद था।

 

10. इन्होंनें स्थिति और भी स्पष्ट कर दी है।

 

इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री जी के इस बयान का बचाव करने माननीय राज्यपाल महोदय भी कूद पड़े। उनका कहना है कि यदि उस समय उन्नत टेक्नोलॉजी नहीं थी तो आप दिव्य दृष्टि व पुष्पक विमान के बारे में क्या कहेंगे।

अब उस दौर में इंटरनेट था या नहीं, यह तो हम नहीं कह सकते। लेकिन इस दौर में इंटरनेट भी है और लोगों के अंदर मीम बनाने का जज्बा भी। तभी तो सोशल मीडिया खोलते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। वैसे आप चाहे कुछ भी कहो, हमारे मंत्री लोग देश की जनता को खुश रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।

 

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