भारत की आयरन लेडी हैं यास्मीन मानक, हुश्न के साथ बेमिसाल ताकत

author image
Updated on 16 Nov, 2017 at 2:28 pm

Advertisement
आज भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में अपना रुतबा जमा रही हैं, तो भला ऐसे में खेल जगत कैसे अछूता रह जाता। आपने मैरी कॉम, सानिया मिर्ज़ा, पीवी सिंधू, साइना नेहवाल, फगोट बहनें गीता-बबीता का नाम तो सुना ही होगा, जिन्होंने न केवल पदक से देश का सम्मान बढ़ाया, बल्कि अपनी प्रतिभा से लाखों दिलों पर राज़ करके उन्हें प्रेरित भी किया।

इन्हीं सशक्त भारतीय महिलाओं की सूची में एक नाम यास्मीन मानक का और जोड़ लीजिए। यास्मीन ने महिला बॉडी बिल्डिंग में जो मुकाम बनाया है, उसकी वजह से उन्हें ‘भारत की आयरन लेडी’ पुकारा जाता है।

यास्मीन मानक पेशे से एक पॉवर लिफ़्टर हैं। यास्मीन की ग्लैमरस बॉडी बिल्डिंग की तस्वीरें आजकल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

कभी लोग कहते थे बदसूरत, आज इनके हुश्न के हैं लाखों कायल। ताक़त ऐसी की मर्दो को भी छूट जाए पसीना।

कहते हैं आग में तपकर ही सोना कुंदन बनता है। पर बात जब बॉडी बिल्डिंग की हो तो शरीर को मेहनत की भट्टी में सिर्फ़ शारीरिक रूप से तपाना ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी खुद को झोंक देना पड़ता है। यास्मीन का बचपन भी कुछ ऐसा गुजरा, जिसने उनको मानसिक बल दिया।

यास्मीन महज़ दो साल की थीं, जब उनकी मां अपने प्रेमी के साथ चली गई। वहीं, पिता ने भी दूसरी शादी कर ली। ऐसे में यास्मीन का लालन-पोषण उनके दादा दादी ने दिया। बचपन से ही मां-पिता के प्यार को तरसने वाली यास्मीन का स्कूल भी काफ़ी बुरा बीता। एक बीमारी ने यास्मीन का वजन औसत से ज़्यादा बढ़ा दिया, जिस कारण उन्हें स्कूल में बदसूरत कहा जाने लगा साथ ही तरह-तरह के तंज़ कसे जाने लगे।


Advertisement

यास्मीन बताती हैं कि इन्हीं बातों और तानों ने उन्हे खुद को फिट करने के लिए प्रेरित किया और घर के पास वाली ही जिम में रोज कसरत करने जाने लगीं। हालांकि, उन्हें इसका काफ़ी विरोध सहना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद 2013 में यास्मीन ने पॉवर लिफ्टिंग को ही अपना करियर चुना। आज वेटलिफ्टिंग उनकी पहचान बन गई है। इतना ही नहीं, अपनी लगन और मेहनत के बलबूते उन्होनें 160 किलो वजन उठाकर पुरुष का रिकोर्ड भी तोड़ा है।

यास्मीन इन दिनों गुड़गांव में जिम चलाती हैं, जहां लड़कियों और लड़कों को ट्रेंनिंग देती हैं। यास्मीन ने बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिताओं में कई ख़िताब जीते हैं। आपको बता दें कि यास्मीन न केवल ग्लैडरैग्स मिसेज इंडिया 2015, बल्कि इंडियन बॉडी बिल्डिंग ऐंड फिटनेस द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में मिस इंडिया 2016 का भी खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा वह IBBFF  में वुमन फिजीक कैटिगरी और वुमन फिटनेस में दो गोल्ड मेडल जीतने में सफल रही हैं। यास्मीन ने 2003 में एक एरोबिक स्टूडियो ‘स्कल्प्ट’ खोला था।इसके बाद साल 2007 में उन्होंने इसका विस्तार कर उसमें जिम भी खोल लिया और अब यासमीन अपने जिम में हर महीने करीब तीन सौ लड़के-लड़कियों को ट्रेनिंग देती हैं।

36 साल की यास्मीन मानक पिछले 17 सालों से वेट लिफ्टिंग कर रही हैं। अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से आज वो जिस मुकाम पर हैं, उसको सलाम।

Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement