यूपी में मीट कारोबारी अब बेच रहे हैं चाय, तो किसी ने खोली परचून की दुकान

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Updated on 31 Mar, 2017 at 6:08 pm

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योगी आदित्यनाथ के अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबन्ध लगने का असर इससे जुड़े व्यापारियों पर देखने को मिल रहा है।

बूचड़खाने बंद होने के बाद बेरोजगार हुए इन मीट कारोबारियों ने अब दूसरा काम करना शुरू कर दिया है। कभी मीट की दूकान चलाने वाले ये व्यवसायी अब चाय की दूकान चला रहे हैं, तो कईयों ने परचून की दुकान खोली है।

इन व्यापारियों का कहना है कि गोश्त की दुकान बंद होने के बाद वह खाली तो नहीं बैठ सकते। परिवार का पोषण करने के लिए कुछ काम करना जरूरी था।

कभी गोश्त की दूकान चलाने वाले कलीम कहते हैंः


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“हमारी गोश्त की दुकान थी। बाजार में जब वो बंद हो गई तो हमने परचून की दुकान खोल ली। गोश्त बंद हो गया तो क्या करते। योगी जी ने गोश्त की दुकाने बंद करा दी, तो भूखे थोड़े न मरते। इसलिए हमने इस चीज की दुकान खोल ली। हमारे पास लाइसेंस भी है, लेकिन जब प्रशासन ने सारी दुकाने बंद करा दी तो हम क्या करते।”

अवैध बूचड़खानों पर जिस तरह से लगाम कसी गई है, उससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। एक बड़ा तबका इस व्यवसाय से जुड़ा रहा है। अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए अब इससे जुड़े लोग दुसरे विकल्पों की ओर जा रहे हैं।

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