महिलाओं द्वारा संचालित पहला रेलवे स्टेशन बना माटुंगा, सभी पदों पर महिला कर्मचारी

author image
Updated on 13 Jul, 2017 at 4:06 pm

Advertisement

आज की महिलाएं हर क्षेत्र में नाम कमा रहीं हैं। पहले जिन क्षेत्रों में पुरुषों का ही दबदबा माना जाता था, अब वहां महिलाएं भी कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। समाज की सोच बदल रही है। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे ने देश के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है।

मध्य रेलवे ने माटुंगा स्टेशन पर सभी पदों के लिए महिला कर्मचारियों को नियुक्त किया है। माटुंगा स्टेशन देश का पहला महिला विशेष रेलवे स्टेशन बन गया है।

matunga

माटुंगा स्टेशन पर करीबन 30 महिला कर्मचारियों का स्टाफ है, जिनमें 11 बुकिंग क्लर्क्स, 7 टिकट कलेक्टर्स, 2 चीफ बुकिंग अडवाजर्स, 5 रेलवे पुलिसकर्मी, 5 पॉइंट पर्सन, 2 अनाउंसर्स और एक स्टेशन मैनेजर हैं।

स्टेशन प्रबंधक ममता कुलकर्णी की देखरेख में ये सभी महिला कर्मचारी काम कर रही हैं। आपको बता दें कि ममता कुलकर्णी 1992 में मुंबई की पहली महिला स्टेशन मास्टर बनीं थीं।


Advertisement

इस कदम को लेकर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक डी.के. शर्मा कहते हैं:

“यह महिलाओं को सशक्त बनाने की एक छोटी सी पहल है। हमारे कुछ पैसेंजर्स रिजर्वेशन सेंटर और उपनगरीय ट्रेनों में टिकटिंग सिस्टम पूरी तरह महिलाओं द्वारा संभाले जाते हैं। इसके बाद फैसला लिया गया कि एक पूरा स्टेशन महिलाओं को सौंपा जाना चाहिए।”

अगर यह प्रयास सफल होता है तो अन्य कुछ और स्टेशनों को भी पूरी तरह महिलाओं को सौंपे जाने पर विचार किया जाएगा।


Advertisement

आपके विचार


  • Advertisement