दार्जिलिंग में आधी रात को हुआ धमाका इस बात का सबूत है कि पहाड़ों में शांति कोसों दूर है

Updated on 19 Aug, 2017 at 4:32 pm

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पहाड़ों की राजा दार्जिलिंग जल रहा है। पिछले कई महीनों से जारी आंदोलन की वजह से यहां के लोग हालाकान हैं। साथ ही यहां के पर्यटन उद्योग की कमर टूट चुकी है। तमाम आफत के बीच, शुक्रवार को आधीर रात को हुए एक विस्फोट ने दार्जिलिंग के लोगों में दहशत फैला दी। धमाके की आवाज काफी दूर तक पहुंची। कहा जा रहा है कि इस घटना में कुछ दुकानों को जरूर नुकसान पहुंचा है, लेकिन इसमें किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।

आज सुबह घटनास्थल पर लोग बड़ी संख्या में जुटे थे। वहीं, घटना के बाद से स्थानीय बाशिंदों में भय व्याप्त हो गया है।

पिछले जून से यहां अलग राज्य गोरखालैंड की माग में आंदोलन चल रहे हैं।  इस आंदोलन का नेतृत्व गोरखा जनमुक्ति मोर्चा कर रहा है, जिसका मानना है कि दार्जिलिंग का विकास तभी संभव है, जब कर्सियांग और कलिम्पोंग को मिलाकर एक अलग राज्य बनाया जाए। यही लगातार आंदोलन, पुलिस की दबिश की वजह से दार्जिलिंग में लोगों का जीना दूभर हो गया है।

यहां गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के दफ्तर को भी अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जलाए जाने की खबर है।


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शहर के एसपी अखिलेश चतुर्वेदी ने बतायाः

“धमाका ओल्ड सुपरमार्केट के पास सिंगमाड़ी मोटर्स सिंडिकेट के सामने हुआ है। हालांकि, इस धमाके में किसी की जान नहीं गई है और ना ही कोई घायल हुआ है> आसपास की कई दुकानों को काफी नुकसान पहुंचा है।”

खास बात यह है कि दार्जिलिंग में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। इसके बावजूद शहर के मुख्य इलाके में बम धमाके की घटना हो गई। अब एजेन्सियां सतर्क हैं और बम धमाके की जांच के आदेश दिए गए हैं। पता लगाया जा रहा है कि शहर के बीचोबीच हुए धमाके में किसका हाथ था और मकसद क्या था।

भारी तनाव के बीच पिछले 2 महीने से यहां इन्टनेट की सेवा बंद है।


पश्चिम बंगाल सरकार दावा कर रही है कि दार्जिलिंग में शांति स्थापित है, लेकिन दार्जिलिंग में आधी रात को हुआ धमाका इस बात का सबूत है कि पहाड़ों में शांति कोसों दूर है।

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