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इस भारतीय वैज्ञानिक ने चला दिया पानी से कम्प्युटर

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12:18 pm 23 Nov, 2015

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पिछले ही साल पेपर माइक्रोस्कोप बनाकर पूरी दुनिया कों चौंकाने वाले भारतवंशी वैज्ञानिक मनु प्रकाश ने नया धमाका किया है। जी हां, इस बार उन्होंनें पानी की बून्दों की मदद से कम्प्युटर से चला दिया है।

अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर मनु प्रकाश ने एक ऐसा कम्प्युटर बनाया है, जो जल बूंदों से ऊर्जा हासिल करता है।

मनु प्रकाश को यह आइडिया करीब 10 साल पहले सूझा था, जब वह एमआईटी के छात्र थे। बाद में उन्होंने इसी संस्थान के दो अन्य छात्रों जिम साइबुलस्की और जॉर्जियस कैटसिकिस के साथ मिलकर इसे डिजायन किया।

‘द ड्रॉपलेट कंप्यूटर’ नामक इस यन्त्र को उन्होंने कम्प्युटर विज्ञान के बुनियादी अवयव, घड़ी के साथ छोटी जल बूंदों के एक तंत्र को जोड़ा है। यह कम्प्युटर सैद्धांतिक तौर पर वे सारी प्रक्रियाएं पूरी करने में सक्षम है जो कोई इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर कर सकता है। यह घड़ी डाटा भेजने के लिए इलेक्ट्रॉन के बदले पानी की बूंदों का उपयोग करती है।

इस तरह काम करता है पानी से चलने वाला कम्प्युटर

मनु प्रकाश ने शीशे की सतह पर लोहे की सलाखों की भूलभुलैया जैसी एक सारणी बनाई और इस पर एक शीशा लगा दिया। दोनों शीशों के बीच हवा के अंतराल को तेल से भर दिया गया और इसके बाद सावधानी से सारणी में पानी की ऐसी बूंदें डालीं, जिनमें सूक्ष्म चुंबकीय कण मिला दिए गए थे। फिर इस व्यवस्था को तांबे की कुंडली द्वारा निर्मित एक चुंबकीय क्षेत्र में रखा।

वैज्ञानिक सिद्धांत के अनुसार, किसी भी विद्युत सुचालक के ईद गिर्द एक चुंबकीय क्षेत्र होता है। यह क्षेत्र विद्युत की मात्रा और दिशा द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है।


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इस कम्प्युटर में मौजूद जल बूंदें चुंबकीय हैं अर्थात इनके उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव हैं। लोहे के सलाखों की सारणी तांबे की कुंडली में विद्युत के कारण चुंबकीय बन जाती है। इस तरह इस कंप्यूटर में दो चुंबकीय अवयव हो गए। पहला, लोहे के सलाखों की सारणी और दूसरा, जल बूंदें।

प्रकाश ने इन सिद्धांतों का उपयोग कर चुंबकीय कणयुक्त जल बूंदों को नियंत्रित किया। चुंबकीय क्षेत्र द्वारा नियंत्रित होने के कारण जल बूंदें घूमने लगीं और इन जल बूंदों की मौजदूगी को 1 और अनुपस्थिति को 0 के रूप में संकेतित कर दिया गया। इस तरह कम्प्युटर घड़ी बनाई जो दरअसल 1 और 0 का निरंतर क्रम होती है।

यह घड़ी जल बूंदों से चलती है इसलिए यह कम्प्युटर भी जल बूंदों से चलता है।

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