रक्षामंत्री का बयान- ‘जरूरत पड़ी तो ‘पहले परमाणु हमला नहीं’ की नीति बदलने में नहीं करूंगा देर’

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Updated on 11 Nov, 2016 at 3:59 pm

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रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत परमाणु के प्रयोग को लेकर ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ (नो फर्स्ट यूज) नीति के बजाय यह क्यों नहीं कह सकता कि हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं और गैरजिम्मेदार तरीके से इसका इस्तेमाल नहीं करेंगे।

साथ ही पर्रिकर ने जरूरत पड़ने की स्थिति में परमाणु हथ‍ियारों को इस्तेमाल में लाने के संकेत देते हुआ कहाः

“भारत को पहले न्यूक्लियर वेपन इस्तेमाल नहीं करने की पॉलिसी से क्यों बंधे रहना चाहिए? निश्चित तौर पर जब देश को किसी तरह का खतरा होगा तो मैं पहले से तय चीजों के बारे में नहीं सोचूंगा।”

हालांकि, इस बयान के बाद उन्होंने इस बयान को अपनी व्यक्तिगत टिप्पणी करार दिया।

उन्होंने कहाः



“यह मेरा निजी विचार हैं। वर्ना कुछ कल यह खबर चला देंगे कि पर्रिकर ने न्यूक्लियर सिद्धांत में बदलाव कर दिए हैं। सरकार द्वारा कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह मेरे निजी विचार हैं।”

वहीं, रक्षा मंत्रालय ने पर्रिकर के इस बयान को उनकी निजी राय करार दिया है, जिसका मंत्रालय से आधिकारिक रूप से लेना-देना नहीं है।

आपको बता दें कि भारत परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं कर सकता।  1998 के परमाणु परीक्षणों के बाद भारत ने पहले परमाणु हमला न करने की अपनी नीति घोषित की थी।

पाकिस्तान परमाणु हमले को लेकर ऐसे किसी ‘पहले इस्तेमाल नहीं’ नीति के अन्तर्गत वचनबद्ध नहीं है। पाकिस्तानी नीति में परंपरागत युद्ध को परमाणु युद्ध में बदलने की धमकी निहित है।

 


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