कैंसर से जंग जीत लोगों के लिए मिसाल बन गई मनीषा कोइराला

Updated on 16 Aug, 2017 at 3:57 pm

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हर किसी का समय एक सा नहीं रहता। कभी बुलंदियों पर रहने वाला इंसान अचानक ज़मीन पर आ गिरता है और उसकी सारी ज़िंदगी बदल जाती है। बॉलीवुड अभिनेत्री मनीषा कोइराला भी उन्हीं लोगों में से एक हैं, जो बहुत जल्दी कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ तो गई, लेकिन वहां खुद को कायम न रख सकीं।

पहली फिल्म ने बनाया स्टार

नेपाल के एक राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखने वाली मनीषा कोईराला 47 साल की हो चुकी हैं। मॉडलिंग से करियर की शुरुआत करने वाली मनीषा ने बॉलीवुड में साल 1991 में फिल्म ‘सौदागर’ से कदम रखा और उनकी पहली फिल्म ने ही उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। सौदागर उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल रही।

सफलता बरकरार नहीं रख पाईं


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मनीषा कोइराला की सबसे खास बात ये है कि भाई-भतीजावाद वाले बॉलीवुड में उन्होंने बिना किसी गॉडफादर के अपनी पहचान बनाई। उनकी गिनती अपने समय की टॉप अभिनेत्रियों में होती थी। उन्होंने ‘अ लव स्टोरी’, ‘अकेले हम अकेले तुम’, ‘अग्नि साक्षी’, ‘गुप्त’, ‘दिल से’, ‘लज्जा’ और ‘मन’ जैसी फिल्मों में काम किया। मगर अफसोस कि वह अपनी सफलता को बरकरार न रख पाईं। चंद फ्लॉप फिल्में करने के बाद वो तनाव में चली गईं। हालात को ठीक से संभाल न पाने की वजह से वह तनाव में नशे की आदी हो गईं। धीरे-धीरे उनका फिल्म करियर खत्म होता गया, साथ ही उनकी सेहत भी।

पर्सनल लाइफ में भी असफल

प्रोफेशनल लाइफ के साथ ही उनकी शादी भी सफल न रह सकी। शादी के दो साल बाद ही उनका पति सम्राट दहल से तलाक हो गया। इसके बाद वो और टूट गई। इसी बीच, मनीषा की तबियत बहुत खराब रहने लगी, तब उन्हें पता चला की उन्हें कैंसर है।

और बदल गई ज़िंदगी

कैंसर के इलाज के लिए मनीषा अमेरिका चली गईं। न्यूयॉर्क के अस्पताल में कई महीनों तक मनीषा का इलाज चला। उनकी कीमो थेरेपी भी हुई। अपने करियर की असफलता को न झेल पानी वाली लड़की ने कैंसर जैसी घातक बीमारी के आगे घुटने नहीं टेके और जिन्दगी की जंग जीत गई। अब वह कैंसर के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम कर रही हैं।

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