17 सालों से 2 रूपए प्रतिदिन के वेतन पर काम कर रहे शख्स ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

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Updated on 28 May, 2017 at 5:03 pm

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हम हमेशा काम के मुताबिक वेतन न मिलने और अधिक काम होने की शिकायत करते रहते हैं। हम सभी यह जानते हैं कि साल दर साल देश में महंगाई का स्तर बढ़ता जा रहा है। विशेषकर महानगरों की बात करें तो यहां जीवनयापन के लिए एक अच्छी आय के लिए स्थिर स्रोत का होना जरूरी है। लेकिन यहां हम जिस शख्स के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, वह इस दौर में कामकाजी लोगों के लिए वाकई दुखद खबर है।

चेन्नई का रहना वाला एक शख्स पिछले 17 सालों से 2 रुपये प्रतिदिन के वेतन पर काम कर रहा है। वह तमिलनाडु के पशुपालन विभाग के लिए वेल्लुडो उप-केंद्र में बतौर पार्ट टाइम स्वीपर कार्यरत रहे। लेकिन अब उन्होंने अपनी सेवाओं के नियमितकरण की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

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सांकेतिक तस्वीर

रवि कुमार नाम के इस शख्स ने जून 2000 में तमिलनाडु के पशुपालन विभाग में काम करना शुरू किया। तब उन्हें उस वक्त इस बात का आश्वासन दिया गया था कि दो साल के बाद उन्हें रेगुलर कर दिया जाएगा। हालांकि, वक्त के साथ दिया गया यह आश्वासन धरा का धरा रह गया।


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2 रूपए प्रतिदिन का मतलब हुआ 60 रूपए महीना, जो की किसी भी लिहाज से पर्याप्त नहीं है। रवि का कहना है कि किसी को इतने लंबे समय तक इंतजार करवाना ‘सरकार की ओर से अमानवीय’ रवैये को दर्शाता है।

जब परिस्थिति हमारे अनुकूल नहीं होती तो उस वक्त आपको कोई कदम लेने की जरूरत होती है, ठीक वैसा ही अब रवि कर रहे हैं, इस उम्मीद के साथ कि उन्हें न्याय मिलेगा।

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