आस्ट्रेलिया में 30 लाख का पैकेज छोड़ बेच रहे चाय, जानिए इसके पीछे की वजह

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Updated on 20 Oct, 2016 at 12:38 pm

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किसी नुक्कड़ की चाय दुकान पर दोस्तों के संग गप्पे मारना किसे पसंद नहीं होता। ऐसी चाय की दुकानें आपके शहर में, ऑफिस के पास या बाज़ार में हर कहीं मिल जाएंगी, जहां युवाओं की खासी भीड़ देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर आपसे कहा जाए कि आप अपनी अच्छी भली नौकरी छोड़ एक चाय की दुकान खोल लीजिए, तो फिर आप क्या कहेंगे। आपका जवाब शायद ना में होगा।

हालांकि, भोपाल में रहने वाले मधुर की सोच कुछ और ही है, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 30 लाख रुपए का पैकेज छोड़कर चाय की दुकान खोलने के बारे में सोच लिया और इस व्यवसाय को चुना है।

मधुर मल्होत्रा ने भोपाल के एमपी नगर जोन-2 में चाय-34 नाम की दुकान खोली हैं। यहां आप 20 से अधिक फ्लेवर की चाय का लुफ्त उठा सकते हैं।

मधुर के अनुसार ऑस्ट्रेलिया में उनका पैकेज 30 लाख रुपए था, लेकिन घर से दूर रहने के कारण मन बड़ा अशांत सा रहता था। एक दिन पता चला कि मां की तबीयत बहुत खराब है और उनके हार्ट का ऑपरेशन हुआ है। इस घटना के बाद उन्होने नौकरी छोड़ घर लौटने का मन बना लिया और अगले ही दिन भोपाल लौट आए। फिर परिवार का साथ और भोपाल की खूबसूरती ने इस कदर मोह में बांधा कि फिर वह वापस नहीं लौटे। मधुर बताते हैं कि उन्होने शुरुआती कुछ महीनो में अपने दादा जी के साथ उनकी कंस्ट्रक्शन कंपनी में हाथ बंटाया।

अपने परिवार के साथ मधुर मल्होत्रा। dainikbhaskar

अपने परिवार के साथ मधुर मल्होत्रा।
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रियल इस्टेट का व्यवसाय संभालते हुए मधुर ने शहर के सबसे खूबसूरत शौर्य स्मारक के प्रोजेक्ट में भी काफी काम किया, लेकिन एक दिन दोस्तों के साथ बैठकर बात करते समय उन्हे एक चाय की दुकान खोलने का ख्याल आया। जिसके बाद चाय-34 का सपना साकार हुआ।

हालांकि, मधुर जब 2009 में आस्ट्रेलिया से नौकरी छोड़कर वापस भोपाल लौटे थे, तो उनके पास और भी दूसरी कई बड़ी-बड़ी कंपनियों से नौकरी के लिए ऑफर थे लेकिन उन्होने सोच लिया था की वो खुद का व्यवसाय करेंगे। मधुर बताते हैंः

“मैंने खुद का बिजनेस शुरू करने का मन लिया था। मैंने चाय की दुकान खोलने का प्लान जब फैमिली के साथ शेयर किया, तो सभी ने इसका विरोध किया। फैमिली को मनाते-मनाते आखिरकार साल 2011-12 में मैंने चाय-34 नाम से एक शॉप ओपन कर ली। आज लगभग तीन साल बाद मैं अपने उस निर्णय को लेकर काफी खुश हूं।”



बेटी के साथ मधुर मल्होत्रा।dainikbhaskar

बेटी के साथ मधुर मल्होत्रा।dainikbhaskar

चाय की होती है भारी मांग। एक घंटे में खत्म हो जाता है 50 लीटर का स्टोरेज।

मधुर बताते हैं कि, कुछ अलग करने के लिहाज से ही हमने यहां चाय के लगभग 20 फ्लेवर्स रखे हैं। इनमें हमारे पास 50 लीटर का स्टोरेज है, जो एक ही घंटे में खत्म हो जाता है। इनमें तुलसी-इलाइची, तुलसी-अदरक, मसाला चाय जैसे देसी वैराइटीज के अलावा लेमन-हनी, लेमन-तुलसी और रॉ टी फ्लेवर्स भी शामिल हैं।

युवाओं के बीच सर्विंग स्टाइल बनाता है चाय-34 को और भी ख़ास।

चाय 34 को स्वाद ही नहीं बल्कि सर्विंग स्टाइल भी इस खास बनाता है। यहां पर चाय कुल्हड़ में सर्व की जाती है, जिससे चाय का स्वाद दोगुना हो जाता है। यही वजह है कि युवाओं के चाय-34 एक नया अड्डा बन गया है।


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