मुंबई की बारिश में फंसी ये महिला मांग रही थी शरण, तो उसकी गाड़ी के टायर पंक्चर कर दिए

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Updated on 4 Sep, 2017 at 7:49 pm

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देश की आर्थिक राजधानी मुंबई ने 2005 के बाद से एक बार फिर बारिश और बाढ़ से हुई तबाही का मंजर देखा। मुंबई में ऐसा मंजर 12 साल पहले 2005 में देखने को मिला था। तब राजधानी समेत पूरे महाराष्ट्र पर मौसम का कहर बरपा था। इसमें करीब 850 से ज्यादा लोगों की जाने गईं थी। अकेले मुंबई में मरने वालों की संख्या 400 से ज्यादा थी।

मूसलाधार बारिश की वजह से इस साल मुंबई में निचले हिस्से जलमग्न हो गए। कई इलाकों में सड़कें डूब गईं। अस्पतालों में पानी भर गया। गाड़ियों की रफ़्तार धीमी पड़ गई। जहां-तहां लोग फंसे रहे। लोग अपने घरों में कैद हो गए। ऐसी स्थिति में कई लोग फ़रिश्ता बनकर भी आए, जिन्होंने बारिश में फंसे लोगों की मदद की। लेकिन उसी मुंबई का एक दूसरा चेहरा भी देखने को मिला, जो इंसानियत को शर्मसार करता है।

दरअसल, खुशनुमा खंबट्टा नाम की एक महिला मूसलाधार बारिश के बीच मुंबई के सायन क्षेत्र में गोपा निवास नाम की एक हाउसिंग सोसाइटी के बाहर फंस गई थी। उसने बारिश से बचने के लिए अपनी कार को सोसाइटी के अंदर पार्क करने के बारे में सोचा। तभी एक शख्स इसका विरोध करने लगा। हद तो तब हो गई जब महिला के कई बार अनुरोध करने के बावजूद, उस शख्स ने कॉलोनी के चौकीदार से कहकर महिला की गाड़ी के टायर पंक्चर करा दिए।

महिला ने इस पूरी घटना को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया और इसका जिक्र फेसबुक पर किया।


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जाहिर है इस तरह की घटना देखकर किसी को भी गुस्सा आएगा। लोगों ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी।



ये महिला अगले दिन सुबह सुरक्षित अपने घर पहुंच गई, जिसकी जानकारी उसने फेसबुक पर ही दी।

महिला की गाड़ी पंक्चर कर दी गई। ये तो शुक्र है वो सही सलामत घर पहुंच गई, लेकिन यह घटना निंदनीय है। संकट के समय में कोई इस तरह का व्यवहार कैसे कर सकता है?

जहां एक तरफ मुंबई की बारिश में कई लोग फ़रिश्ते बनकर आए तो वहीं इस तरह की घटना इंसानियत पर से लोगों के विश्वास को डगमगाती हैं।


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