अनजान लोगों को लिफ्ट देने पर शख्स पर लगा 2000 रुपए का जुर्माना, जानिए क्या है इससे जुड़ा कानून

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Updated on 25 Jun, 2018 at 4:13 pm

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क्या आपका कभी चालान कटा है? अमूमन रेड लाइट तोड़ने, गलत जगह पर पार्किंग, बिना हेलमेट ड्राइव, ज्यादा स्पीड में वाहन चलाना, वाहन में धूम्रपान करना, बिना ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के वाहन चलाना, वैलिड इंश्योरेंस या वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट न रखने पर चालान कटता है, लेकिन मुंबई से जो मामला सामना आया है वो एकदम अलग है, जिसके बारे में शायद ही आपने पहले कभी सुना होगा।

 

 


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दरअसल, मुंबई के रहने वाले नितिन नायर को अनजान तीन लोगों को लिफ्ट देना जेब पर भारी पड़ गया। पुलिस ने उस पर 2000 रुपए का जुर्माना लगा दिया। हाल ही में नितिन ने अपने साथ हुई इस घटना को फेसबुक पर साझा किया।

उन्होंने बतायाः

 

वह रोज की तरह अपनी कार से दफ्तर की ओर जा रहे थे। थोड़ी दूरी पर उनकी नजर दफ्तर जाने वाले लोगों पर पड़ी, जो लिफ्ट मांग रहे थे, जिनमें एक 60 से ऊपर का उम्रदाराज व्यक्ति भी था। भारी-बारिश होने के कारण गाड़ियों बसों की आवाजाही धीमी थी। ऐसे में नितिन ने तीन लोगों को लिफ्ट देने का फैसला किया। नितिन ने लोगों से पूछा कि आपको जाना कहां है, तो उन्होंने गांधी नगर तक छोड़ देने को कहा। ये जगह नितिन के ऑफिस के रास्ते में ही पड़ती थी। इसके बाद नितिन ने उम्रदराज इंसान समेत तीन लोगों को अपनी कार में लिफ्ट दे दी।

 

 

इसके बाद जैसे ही आगे जाने के लिए नितिन ने अपनी गाड़ी स्टार्ट की, एक ट्रैफिक पुलिस वाला वहां आ गया।उसने नितिन का लाइसेंस मांगा और फिर कहा कि निजी कार में अनजान लोगों को लिफ्ट देना गैरकानूनी है। नितिन को समझ ही नहीं आया कि ये हुआ क्या। वो तो लोगों की मदद करना चाह रहे थे, लेकिन उल्टा उन्हें ही चपत लग गई। उनका लाइसेंस वहीं जब्त कर लिया गया। उन्हें मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के सेक्शन 66 और सेक्शन 192 के तहत कोर्ट चालान जारी कर दिया गया।

 

नितिन ने आगे अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया कि कुछ देर बाद उन्हें कोर्ट में बुलाया गया और 2000 रुपए का जुर्माना लगा दिया गया। फिर कई अनुरोध करने के बाद उन्होंने नितिन का जुर्माना 1,500 रुपए किया। ये रकम चुकाने के बाद ही उन्हें पुलिस स्टेशन से अपना लाइसेंस वापस लेने का आदेश मिला।

 



 

जानिए क्या हैं मोटर वाहन अधिनियम के सेक्शन 66 और सेक्शन 192 नियम

 

मोटर वाहन अधिनियम के सेक्शन 66 के अनुसार, किसी भी इंसान को सवारी या सामान ढोने के लिए अपनी निजी गाड़ी के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। ये गैर-कानूनी है और नितिन को इसी सेक्शन के अन्दर चार्ज किया गया।

वहीं, मोटर वाहन अधिनियम का सेक्शन 192 कहता है कि बिना रजिस्ट्रेशन नम्बर के गाड़ी चलाना एक दंडनीय अपराध है। लेकिन किसी आपातकाल या तबियत खराब होने की हालत में इस नियम पर थोड़ी रियायत दी जा सकती है।

 

 

जानिए निजी कार में अनजान लोगों को लिफ्ट देने की अनुमति क्यों नहीं है। इसके अपने कुछ सुरक्षा से जुड़े कारण है, जिसे समझने की जरूरत है।

 

सुनसान सड़क पर अनजान लोग आपसे लिफ्ट मांग, कार के अन्दर लूट-पाट मचा सकते हैं। या किसी अनचाही घटना को अंजाम दे सकते हैं।

इसका एक कारण ये भी है कि लोग प्राइवेट कार को कमर्शियल टैक्स से बचने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

man fined 2000 rs

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