करंट लगने से मरी आदमखोर बाघिन, कोर्ट ने दिए थे ‘गोली मारने’ के आदेश

Updated on 16 Oct, 2017 at 1:52 pm

बाघ वैसे भी ख़तम होने को आमादा प्रजाति है, लिहाजा संरक्षित भी है। लेकिन पिछले दिनों कोर्ट ने एक बाघिन को गोली मारने आ आदेश जारी कर दिया, जो लोगों को कुछ अटपटा लगा। बाघिन ने कुछ लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिससे इसकी नौबत आ पड़ी। कायदे से बाघिन को पकड़कर पिंजरे या फिर सुरक्षित जगह पर रखना एक रास्ता हो सकता था।

ये रही वो आदमखोर बाघिन।

इंसानी खून की प्यासी ये बाघिन पिछले 5 महीने से मौत बनकर घूम रही थी। कोर्ट के आदेश पर वन अधिकारी ‘करे तो क्या करे’ वाली स्थिति में आ गये थे। अंततः आदमखोर बाघिन इंसानी लापरवाही का शिकार हो गई और बिजली के झटके लगने से उसकी मौत हो गई।

बाघिन के मूवमेंट की जानकारी वन विभाग को उसके गले लगे चिप की वजह से लगती रही। 13 अक्टूबर की रात डेढ़ बजे के करीब वर्धा जिले के सिन्दी गांव के पास से जब वो गुजर रही थी तो बिजली के झटके से उसकी मृत्यु हो गई। असल में एक खेत के चरों और लगे बाड में बिजली दौड़ रही थी, जिसकी चपेट में आकर बाघिन की मौत हो गई।

वन अधिकारी ए के मिश्रा ने बताया,

“खेत की बाड़ में बिजली का करंट लगाना कानून के खिलाफ है, इसलिए उस खेत मालिक के खिलाफ वन्य जीव सरंक्षण कानून के तहत कार्रवाई होगी। बाघिन को सुरक्षित पकड़ने की कोशिश की जा रही थी। हम लोग उसे ट्रैक कर रहे थे, लेकिन ये दुर्घटना हो गई।”



दरअसल, मई 2017 में चंद्रपुर के ब्रम्हपुरी जंगल में आदमखोर बन चुकी बाघिन को पकड़ कर वर्धा में बोर के जंगल में छोड़ा गया था, लेकिन उसका उत्पात जारी रहा और वो मोर्शी डैम से होते हुए अमरावती और फिर अमरावती से नागपुर के जंगल में प्रवेश कर चुकी थी। हालांकि, 13 अक्टूबर की रात बिजली के करंट से उसकी मौत हो गई।

गौरतलब है कि आदमखोर बाघिन अब तक लगभग 10 लोगों पर हमला बोल चुकी थी जिनमें 2 की मौत भी हो गई थी। इतना ही नहीं इसने 50 से भी अधिक जानवरों को भी मौत के घाट उतार दिया था। विदर्भ के किसानों के लिए आतंक का सबब बन चुकी इस बाघिन को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए जा चुके थे। बावजूद इसके वो वन अधिकारियों को चकमा देते हुए पिछले 5 महीने से घूम रही थी।

उसकी मौत ऐसे होगी इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

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