मालदा में लड़कियों को हिजाब पहनकर स्कूल आने से रोका तो हेडमास्टर की पिटाई, तोड़फोड़

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Updated on 22 Apr, 2017 at 4:35 pm

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हावड़ा के एक स्कूल में नवी दिवस मनाने को लेकर विवाद ठंडा भी नहीं पड़ा है कि अब मालदा का स्कूल इस्लामिक कट्टरपंथियों के हस्तक्षेप को लेकर चर्चा में है।

हाल ही में दंगे की वजह से कुख्यात हो चुके मालदा के कालियाचक थानान्तर्गत बिरामपुर गांव में स्थित रथबाड़ी हाईस्कूल में हिजाब पहनने को लेकर विवाद चल रहा है।

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सांकेतिक तस्वीर।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। पिछले 18 अप्रैल को कुछ छात्रा हिजाब पहनकर परीक्षा देनें आईं। प्रधानाचार्य सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने छात्राओं को हिजाब पहनकर आने से मना किया और अगले दिन से स्कूल ड्रेस में आने को कहा। छात्राओं ने तभी तो कुछ नहीं कहा, लेकिन अगले दिन इसका ठीक उल्टा देखने को मिला। अगले दिन अधिक संख्या में छात्राएं न केवल हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंचीं, बल्कि उनके साथ बड़ी संख्या में अभिभावक भी स्कूल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। अभिभावकों ने प्रधानाचार्य के साथ मारपीट की। शिक्षकों ने किसी तरह कालियाचक थाना तथा मोथावाड़ी थाना में जाकर शरण ली। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और स्थिति को नियंत्रण में किया जा सका।

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कालियाचक हाल में दंगों की वजह से चर्चा में रहा था।

हिजाब पहनकर स्कूल आने वाली छात्राओं तथा उनके अभिभावकों का दावा है कि यह उनकी धार्मिक पोशाक है और स्कूल प्रशासन को इसकी अनुमति देनी होगी। हालांकि, प्रधानाचार्य का कहना है कि यह निर्णय स्कूल की परिचालन समिति ले सकती है। वह अकेले ऐसा निर्णय नहीं ले सकते हैं।

अगले 27 अप्रैल को स्कूल प्रशासन की बैठक में यह तय किया जाएगा कि छात्राओं को हिजाब पहनकर स्कूल आने की अनुमित दी जानी चाहिए या नहीं।


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विद्यालय में 11 सौ छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, जिनमें 600 हिन्दू समुदाय के है। यह विद्यालय वर्ष 2008 में भी विवादों में रहा था, जब इसके विभिन्न कक्षाओं के दरवाजों पर गाय काटकर उसके अंग झुला दिए गए थे।

हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में इस्लामिक चरमपंथ की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। मालदा का कालियाचक इलाका दंगों की वजह से कई दिनों तक झुलसता रहा था। साथ ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में साम्प्रदायिक दंगे होते रहे हैं।

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