गंगासागर में 15 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने लगाई पवित्र डुबकी, मकर संक्रान्ति पर है दुर्लभ महायोग

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Updated on 15 Jan, 2017 at 2:25 pm

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कोलकाता से करीब 150 किलोमीटर दूर गंगासागर में मकर संक्रान्ति के अवसर पर करीब 15 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पवित्र डुबकी लगाई। पिछले कुछ दिनों से यहां 20 लाख से अधिक श्रद्धालु देश के अलग-अलग हिस्सों से यहां पहुंच रहे थे।

हिन्दू धर्म में मकर संक्रान्ति का बहुत अधिक महत्व है। इस दिन पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में गंगा और बंगाल की खाड़ी के संयोगस्थल पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु स्नान करते हैं और पुण्यलाभ अर्जित करते हैं।

गंगासागर मेला भारत के सबसे बड़े मेलों में से एक है।

आज सुबह 7.38 बजे से शुरू हुआ पुण्य स्नान आज पूरा दिन चलेगा। हालांकि पुण्यार्थी दो दिन पहले से ही पुण्य स्नान का लाभ ले रहे हैं। पिता-पुत्र का यह मिलन अगले दो महीने तक रहेगा। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही सूर्य दक्षिणायण से उत्तरायण हो जाएंगे। शास्त्रों में उत्तरायण की अवधि को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को देवताओं की रात कहा गया है। इसके चलते मलमास की समाप्ति हो जाएगी। इससे विवाह जैसे शुभ, मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।


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भारतीय पुराणों में मान्यता है कि मकर संक्रान्ति के दिन पुण्यस्नान करने से व्यक्ति अगले सात जन्मों तक निरोग रहता है, साथ ही धन धान्य की कमी नहीं होती। इस दिन स्नान, दान, तप, जप और अनुष्ठान का अत्यधिक महत्व है।

मकर संक्रान्ति का तिल-गुड़ कनेक्शन

मकर संक्रान्ति के दिन तिल-गुड़ का विशेष महत्व है। संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं, जो सूर्य देव के पुत्र होते हुए भी सूर्य से शत्रु भाव रखते हैं। इसलिए शनिदेव के घर में सूर्य की उपस्थिति के दौरान शनि उन्हें कष्ट न दें, इसलिए मकर संक्रांति पर तिल का दान किया जाता है।

वैज्ञानिक रूप से अगर देखें तो तिल के सेवन से शरीर को कई फायदे होते हैं। साथ ही गुड़ जीवन शक्ति बढ़ाता है। तिल व गुड़ मिलाकर खाने से शरीर पर सर्दी का असर कम होता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से मान्यता है कि कड़ाके की ठंड में आने वाले मकर संक्रान्ति के दिन अगर तिल और गुड़ का सेवन किया जाए तो शरीर स्वस्थ और निरोग रहता है। तिल में कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम तथा फॉस्फोरस होता है। साथ ही गुड़ में भी कैल्शियम, आयरन और विटामिन भरपूर मिलता है।

पतंग उड़ाने का भी है महत्व

मकर संक्रान्ति के अवसर पर पतंग उड़ाने का भी विशेष महत्व है। संक्रांति पर जब सूर्य उत्तरायण होते हैं, उस वक्त इनकी किरणें शरीर के लिए लाभदायक होती हैं। इससे सर्दी में होने वाले रोग नष्ट हो जाते हैं और हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

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